प्रतीकात्मक तस्वीर
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अस्थमा फेफड़ों का गंभीर संक्रमण है जिससे वायुमार्ग सिकुड़ जाता है, जिस वजह से वायुमार्ग में सूजन, घरघराहट, सांस फूलना, सीने में जकड़न और खांसी होती है। जब इस स्थिति से परेशान किसी रोगी को वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण जैसा श्वसन संक्रमण हो जाता है, तो ऐसे पदार्थों का अतिउत्पादन हो सकता है, जिससे सूजन ज्यादा गंभीर हो सकती है। हालांकि, जब ऐसा कोई रोगी कोरोना वायरस के संपर्क में आ जाता है, तो इससे फेफड़े के ऊतकों के अंदर और साथ ही ब्रोन्कियल मार्ग में सूजन हो जाती है। इसलिए, अगर कोई मरीज मध्यम या गंभीर अस्थमा से पीड़ित है, तो कोविड-19 होने से न केवल अस्थमा के लक्षण बिगड़ सकते हैं, बल्कि निमोनिया भी हो सकता है। भले ही, अब तक अस्थमा के रोगियों में कोरोना वायरस का ज्यादा जोखिम होने की संभावना का समर्थन करने वाले कोई सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन विशेषज्ञ गंभीर लक्षणों और जटिलताओं की संभावना के कारण रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।