फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19 Vaccine: कब तक तैयार होगी भारत में कोरोना वैक्सीन, कितनी है प्रभावशाली, जानिए महत्वपूर्ण बातें

Sat, 28 Nov 2020 01:56 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के तीसरे ट्रायल के आए हैं अच्छे परिणाम - फोटो : pixabay

पूरी दुनिया की तरह भारत में भी कोरोना वायरस की वैक्सीन का बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है। लेकिन, ये सवाल भी उठ रहा है कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माणकर्ता भारत इस मामले में कितना आगे है और कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन कब बना पाएगा। भारत बायोटेक इंटरनेशनरल कोवैक्सीन नाम से स्वदेशी कोरोना वैक्सीन विकसित कर रही है जिसके तीसरे चरण के परीक्षण (ट्रायल) में उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए, स्वदेशी वैक्सीन के विकास से जुड़ी अन्य बातें।

 

 

 

 

 

 

विज्ञापन

2 of 8
आसान नहीं था भारत में क्लीनिकल ट्रायल- डॉ कृष्णा ईला - फोटो : iStock

प्रभावकारी परीक्षण वाली एकमात्र कंपनी है भारत बायोटेक
हैदराबाद में मौजूद डॉक्टर कृष्णा ईला ने फ़ोन पर बीबीसी से बात की। उन्होंने कहा, "भारत में क्लीनिकल ट्रायल एक बेहद मुश्किल काम है. मैं वॉलेंटियर्स को बधाई देता हूं क्योंकि प्रभावकारी परीक्षण करने वाली भारत में हमारी एकमात्र कंपनी है। इसमें समय लगेगा लेकिन हम वैश्विक मानदंडों का पालन कर रहे हैं।" हर वैक्सीन के लिए प्रभावकारी परीक्षण का मतलब है कि जिन लोगों के समूह को वैक्सीन दी गई है उनमें बीमारी में आई कमी का प्रतिशत। 

विज्ञापन

3 of 8
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ कर रही है परीक्षण - फोटो : PTI

बड़ी फार्मा कंपनियां कर रही हैं अलग-अलग देशों में एक साथ परीक्षण
विशेषज्ञों का दावा है कि आनुवंशिक और जातीय पृष्ठभूमि के आधार पर यह रेंज अलग-अलग हो सकती है। इसलिए बड़ी फार्मा कंपनियां अलग-अलग देशों में एक साथ परीक्षण करती हैं। इसलिए डॉक्टर रेड्डी की लैब रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी के लिए परीक्षण कर रही है और यूके स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी टीम ने पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ यहां परीक्षण करने के लिए करार किया है।

4 of 8
वैकल्पिक रणनीति के तौर पर बनेगी नाक से डालने वाली वैक्सीन - फोटो : सोशल मीडिया
नोजल स्प्रे वैक्सीन
भारत के सामने दूसरी बड़ी चुनौती सीमित परिवहन और कोल्ड स्टोरेज की है। लेकिन, डॉक्टर कृष्ण ईला मानते हैं कि उनकी टीम इस मामले में स्थानीय समाधान खोजने में एक कदम आगे है। वह कहते हैं, "हम इंजेक्शन जैसे मसले पर काम कर रहे हैं जो वाकई मुश्किल है. इसलिए हम एक वैकल्पिक रणनीति पर काम कर रहे हैं. क्या हम नाक से डालने वाली वैक्सीन बना सकते हैं जिसमें एक ही डोज़ देनी हो।
विज्ञापन

5 of 8
स्प्रे आसानी से लोगों तक पहुंच सकेगा - फोटो : सोशल मीडिया

चीन और हॉन्ग-कॉन्ग में भी हो रहे प्रयोग
ऐसी खबरें हैं कि चीन भी नाक में डालने वाले स्प्रे की जैसी वैक्सीन पर प्रयोग कर रहा है. हॉन्ग-कॉन्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ता भी इस पर काम कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने का बोझ भी बहुत कम हो जाएगा। ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जा सकती है जो इसे आसानी से लोगों तक पहुंचा सकते हैं।.

विज्ञापन

6 of 8
उत्पादन बढ़ने पर कम होगी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन की कीमत - फोटो : pixabay

कितनी सस्ती होगी स्वदेशी वैक्सीन?
 भारत की स्वदेशी वैक्सीन क्या विदेशी वैक्सीन से सस्ती होगी? इसे लेकर डॉक्टर कृष्ण ईला का दावा है, "यहां उत्पादन की लागत बहुत कम है तो हम इसका फायदा उपभोक्ताओं को दे सकते हैं। उदाहरण के लिए हम दुनिया में रोटावायरस वैक्सीन के सबसे बड़े निर्माता है और वैश्विक स्तर पर हम इसकी लागत 65 डॉलर से एक डॉलर प्रति डोज पर ले आए हैं। इसलिए जब हम उत्पादन बढ़ाएंगे तो कीमत कम हो जाएगी।"

विज्ञापन

7 of 8
अगले साल वैक्सीन का बाजार में आना है तय - फोटो : Amar Ujala
2021 की दूसरी छमाही तक आ सकती है वैक्सीन
कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड के एमडी डॉक्टर शर्विल पटेल ने बताया, "हम इसे लेकर आशान्वित हैं। परीक्षण चल रहे हैं और हम लगातार इस पर नजर रखे हुए हैं। हम इस स्तर पर ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते।” हालांकि, कोई कंपनी फिलहाल वैक्सीन के तैयार होने का तय समय नहीं बताना चाहती लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वो अगले साल की दूसरी छमाही तक वैश्विक वैक्सीन बाजार में उतार सकेंगे। 
विज्ञापन

8 of 8
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे तीन वैक्सीन विकास केंद्रों का दौरा - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री करेंगे इन तीन वैक्सीन केंद्रों का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को देश के तीन वैक्सीन विकास केंद्रों का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान उनका अहमदाबाद, पुणे और हैदराबाद जाने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री अहमदाबाद में जाइडस बायोटैक पार्क, पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और हैदराबाद में भारत बायोटेक का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वैक्सीन की प्रगति और बड़े पैमानी पर इसके उत्पादन की तैयारियों का जायजा लेंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें