फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Corn For Health: बारिश में भुट्टा खाना फायदेमंद या नुकसानदायक? जानें किसे कितना खाना चाहिए

Fri, 10 Jul 2026 03:22 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Corn For Health: अगर आप भी बारिश में कुछ चटपटा खाने के शौकीन हैं, तो तला-भुना खाने की बजाय भुट्टे का चयन करें। इसे खाने का सही तरीका इस लेख में बताया जा रहा है। 
विज्ञापन
1 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
Corn For Health: कई लोग मानसून में पकौड़े और समोसे जैसी तली-भुनी चीजों की बजाय भुट्टा खाना पसंद करते हैं। पोषण के लिहाज से भी भुट्टा एक अच्छा विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। 

हालांकि, हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए भुट्टा खाने का सही तरीका और मात्रा जानना जरूरी है। एसिडिटी, डायबिटीज, पेट की समस्या या आईबीएस जैसी स्थितियों में इसे सही रूप में खाने से ही अधिक लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं कि मानसून में भुट्टा खाना कितना फायदेमंद है, किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और इसे खाने का सबसे बेहतर तरीका क्या है।
 
विज्ञापन

2 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
बारिश में भुट्टा क्यों है अच्छा विकल्प?

एक जानी-मानी सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन का कहना है कि भुट्टा फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इसमें मौजूद रेसिस्टेंट स्टार्च आंतों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी विटामिन शरीर को ऊर्जा देने और सामान्य शारीरिक कार्यों को बनाए रखने में सहायक होते हैं।

 
विज्ञापन

3 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
अगर एसिडिटी, गैस या ब्लोटिंग की समस्या है

जिन लोगों को गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है, उनके लिए उबला हुआ भुट्टा बेहतर विकल्प हो सकता है। यह नरम होता है और आसानी से पच जाता है। हालांकि, इसे बहुत अधिक देर तक उबालने से इसके कुछ पोषक तत्व और रेसिस्टेंट स्टार्च कम हो सकते हैं।

 

4 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
आईबीएस वाले लोग

यदि आपको इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम संवेदनशीलता है, तो शुरुआत में केवल आधा भुट्टा या लगभग 35–40 ग्राम ही खाएं। अधिक मात्रा में स्वीट कॉर्न खाने से कुछ लोगों में गैस और ब्लोटिंग बढ़ सकती है।

 
विज्ञापन

5 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस में

डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों के लिए उबला या स्टीम किया हुआ भुट्टा बेहतर माना जाता है। इसकी ग्लाइसेमिक इंडेक्स रोस्टेड भुट्टे की तुलना में कम हो सकती है। एक बार में आधा कप पका हुआ कॉर्न या एक छोटा भुट्टा पर्याप्त माना जाता है।

 
विज्ञापन

6 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
आंखों की सेहत के लिए

भुट्टे में ल्यूटिन और जिएक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो आंखों की सेहत के लिए लाभकारी माने जाते हैं। हल्का स्टीम किया हुआ भुट्टा इन पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से उपलब्ध करा सकता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान - फोटो : AI
भुट्टा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
 
  • भुट्टे पर जरूरत से ज्यादा मक्खन, चीज या नमक न लगाएं।
  • बहुत अधिक मसाले और नींबू का इस्तेमाल सीमित रखें यदि एसिडिटी की समस्या हो।
  • जला हुआ या जरूरत से ज्यादा भुना भुट्टा खाने से बचें।
  • हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भुट्टा ही खाएं।
  • संतुलित मात्रा में सेवन करें, जरूरत से ज्यादा खाने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
 
----------------------------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें