मानसिक स्वास्थ्य का रखें ख्याल
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अवसाद रोगियों में माइग्रेन का खतरा
माइग्रेन और अवसाद दोनों की समस्या, 5-हाइड्रॉक्सिट्रिप्टामाइन (5-HT) या सेरोटोनिन रिसेप्टर्स के निम्न स्तर से संबंधित मानी जाती है। सेरोटोनिन ट्रांसपोर्टर, जीन अल्टरेशन का कारण भी बन सकते हैं। माइग्रेन को जीवन की गुणवत्ता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने वाली समस्या के तौर पर देखा जा सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा रहता है।
इसी तरह जिन लोगों को डिप्रेशन होता है उनमें समय के साथ माइग्रेन, एक साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर के रूप में प्रकट हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इन दोनों समस्याओं से बचाव करते रहना चाहिए। अगर आपको माइग्रेन हो तो इसका समय रहते इलाज कराएं, ये आपमें अवसाद के जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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