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Coffee In BP: कॉफी पीने से बीपी लो होता है या हाई? अगली बार पीने से पहले जान लीजिए ये जरूरी बातें

Tue, 28 Apr 2026 08:18 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कई अध्ययनों में पाया गया है कि कॉफी दवा का काम करती है। पर जरूरत से ज्यादा कॉफी पीना दिल की धड़कन बढ़ा सकती है, नींद खराब करती है, चिंता बढ़ा सकती है और लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। क्या बीपी में भी कॉफी पी सकते हैं?
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हाई बीपी में कॉफी - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आप भी कॉफी पीने के शौकीन हैं? सुबह दिन की शुरुआत हो या काम के बीच थकान मिटाना हर बार कॉफी याद आती है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कई अध्ययनों में कॉफी पीने को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद बताया गया है। विशेषतौर पर अगर आप बिना दूध-चीनी वाली, ब्लैक कॉफी पीते हैं तो ये आपको कई लाभ दे सकती है।

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि लिवर के साथ कई अन्य अंगों के लिए भी कॉफी फायदेमंद हो सकती है। शरीर की ऊर्जा, फोकस हो या मूड बेहतर करना कॉफी इन सबमें आपके लिए फायदेमंद है। 

आपने अक्सर सुना होगा कि ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर लोग कॉफी पीने की सलाह देते हैं। पर बड़ा सवाल ये है कि कॉफी लो बीपी में फायदेमंद है या हाई बीपी में? अगर आपने इस बात का ध्यान न रखा तो ये फायदे की जगह नुकसानदायक भी हो सकती है।
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कॉफी पीने से क्या होता है? - फोटो : Freepik.com
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कॉफी में मौजूद कैफीन का शरीर पर सीधा असर पड़ता है। कैफीन एक प्राकृतिक उत्तेजक पदार्थ है, जो दिमाग और नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है। 

यही कारण है कि कॉफी पीते ही आपकी नींद भाग जाती है और शरीर में ऊर्जा बढ़ जाती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सही मात्रा, सही समय और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर ही कॉफी का सेवन करना चाहिए।

अध्ययनों से क्या पता चला?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, कैफीन हृदय गति और ब्लड प्रेशर दोनों को प्रभावित कर सकती है।  यह शरीर में एड्रेनिल हार्मोन के स्तर को बढ़ा देता है, जिससे कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि कैफीन बीपी को बढ़ाने में मदद करती है इसलिए पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। 
 
  • मायोक्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, कैफीन कुछ लोगों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी दोनों को अस्थायी रूप से बढ़ा सकता है।
  • यदि किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर है, तो एक बार में अधिक मात्रा में कॉफी पीना जोखिम बढ़ा सकता है।
  • अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि दिन में 1-2 कप कॉफी पीने से हर व्यक्ति में ज्यादा नुकसान नहीं होता है।
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ब्लड प्रेशर की समस्या में कॉफी - फोटो : Freepik.com
बीपी के मरीजों को कॉफी कब पीनी चाहिए 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते है, लिवर-ब्रेन सहित कई अन्य स्थितियों में कॉफी को फायदेमंद बताया गया है। पर ब्लड प्रेशर के मरीजों को थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। 
 
  • यदि आपका ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है तो कैफीन अस्थायी रूप से इसे और बढ़ा सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर अक्सर कैफीन वाली चीजों का सेवन कम से कम करने की सलाह देते हैं।
  • कॉफी लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) में सुधार करने में फायदेमंद हो सकती है।
  • एक कप कॉफी पीने से, ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट के कारण होने वाले चक्कर या सिर घूमने की समस्या से जल्दी राहत मिल सकती है।
  • हालांकि अगर आपको लगातार लो ब्लड प्रेशर की समस्या बनी रहती है तो इसका समय रहते इलाज जरूर कराएं।
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कैफीन के फायदे और नुकसान - फोटो : Freepik.com
कब नहीं पीनी चाहिए कॉफी 

कुछ स्थितियों में आपको कॉफी या कैफीन वाली किसी भी चीज का सेवन कम कर देना चाहिए। 
 
  • यदि ब्लड प्रेशर लगातार बहुत अधिक रहता है तो कॉफी न पिएं।
  • यदि आपके दिल की धड़कन अनियमित बनी रहती है, पैनिक या एंग्जाइटी डिसऑर्डर है या फिर नींद की समस्या से पीड़ित है तो भी कॉफी कम से कम पिएं।
  • गर्भवती महिलाओं को भी कैफीन की मात्रा सीमित रखनी चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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