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हेल्थ अलर्ट: शरीर में लगातार बनी सूजन कहीं खतरे की घंटी तो नहीं? जानिए क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से क्या होता है

Sun, 01 Nov 2026 09:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे डायबिटीज, दिल की बीमारी, फैटी लिवर और ऑटोइम्यून रोगों का खतरा हो सकता है। सीआरपी और ईएसआर जैसे टेस्ट से सूजन के बारे में पता चल सकता है।
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शरीर में सूजन की दिक्कत - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर में सूजन की समस्या भले ही काफी आम सी लगती है, पर ये असल में ये सेहत के लिए गंभीर खतरों का कारण बन सकती है। शरीर में कहीं चोट लगने या संक्रमण होने के बाद स्वाभाविक रूप से वह हिस्सा सूज जाता है, ये शरीर की सुरक्षात्मक प्रकिया का हिस्सा है।

असल में चोट या संक्रमण के समय इम्यून सिस्टम सक्रिय होता है और प्रभावित हिस्से को ठीक करने की कोशिश शुरू कर देता है, इससे उस जगह पर सूजन हो जाती है। आमतौर पर यह सूजन कुछ समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाती है। लेकिन अगर शरीर में सूजन लंबे समय तक बनी रहे या बिना किसी वजह के बार-बार हो रही हो तो इसे क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कहा जाता है।
 
बार-बार या लंबे समय तक सूजन रहना शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय रहने का संकेत माना जाता है। ये समय के साथ ऊतकों तथा अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते हैं कि इसके क्या खतरे हो सकते हैं?
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बॉडी में इंफ्लेमेशन की समस्या - फोटो : Adobe Stock Images
अध्ययनों में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को कई क्रॉनिक बीमारियों का प्रमुख कारण पाया गया है। वैसे तो सूजन का होना ही अपने आप में किसी खास बीमारी का संकेत नहीं है, पर इस स्थिति पर सभी  लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। 

पहले क्रॉनिक इंफ्लेमेशन के बारे में जान लीजिए

जब शरीर की सूजन वाली प्रतिक्रिया लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कहा जाता है। यह कई बार बिना स्पष्ट लक्षणों के भी हो सकती है। इसके कारण कुछ लोगों में थकान, जोड़ों में दर्द, अकड़न या बार-बार अस्वस्थ महसूस करने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
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डायबिटीज-बीपी का खतरा - फोटो : Freepik.com
किन बीमारियों का हो सकता है खतरा?

क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ाने वाली हो सकती है। इसके जोखिमों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए।
 
  • क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम हो सकता है। मोटापा और लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है जिससे डायबिटीज हो सकती है।
  • सूजन की स्थिति दिल की बीमारियों का भी कारण हो सकती है। इंफ्लेमेशन से धमनियों में प्लाक बनने का जोखिम बढ़ सकता है।
  • इंफ्लेमेशन की स्थिति मेटाबॉलिक फैटी लिवर का जोखिम भी बढ़ा देती है जिससे कुछ लोगों में आगे चलकर फाइब्रोसिस हो सकता है।
  • अध्ययनों में लंबे समय तक बने रहने वाले सूजन को कुछ कैंसर का जोखिम बढ़ाने वाला भी पाया गया है।
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स्वस्थ खान-पान पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
शरीर में सूजन की समस्या से बचे रहने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में सूजन की समस्या से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे जरूरी है। 
 
  • इसके लिए सबसे पहले खानपान पर ध्यान दें। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और नट्स-सीड्स को शामिल करें। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। 
  • चीनी, ज्यादा नमक, तली-भुनी चीजों और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें। 
  • इसके अलावा रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या हल्का व्यायाम करें। 
  • पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखने के लिए योग और मेडिटेशन जैसे उपाय करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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