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Bloating Risk: अक्सर फूल रहता है आपका पेट? ये सिर्फ कब्ज नहीं इन गंभीर बीमारियों का भी हो सकता है संकेत

Mon, 25 May 2026 07:48 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कब्ज रहना पेट फूलने की सबसे सामान्य वजह मानी जाती है। पर अगर आपका पेट अक्सर फूला हुआ रहता है और सामान्य उपायों से भी इसमें आराम न मिल रहा हो तो सावधान हो जाना चाहिए। ये शरीर में पनप रही किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। 
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पेट फूलने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
खान-पान में गड़बड़ी के कारण पाचन की दिक्कतें होना काफी आम है। इससे कब्ज-एसिडिटी, हार्ट बर्न जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को अक्सर अपना पेट फूला हुआ भी लग सकता है।

कई लोग अक्सर पेट में भारीपन महसूस करते हैं, पेट गुब्बारे की तरह फूला रहता है। आमतौर पर ये समस्या लाइफस्टाइल-खानपान में बदलाव के जरिए आसानी से ठीक भी हो जाती है। लेकिन अगर पेट फूले रहने की समस्या लंबे समय तक बनी रहे और आम उपायों से आराम न मिले तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। यह शरीर के अंदर चल रही गंभीर गड़बड़ियों का संकेत भी हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या भारतीयों में काफी आम है। कब्ज को इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है। लेकिन हर बार या लंबे समय तक रहने वाली ब्लोटिंग की वजह सिर्फ कब्ज नहीं होती। कई बार ये आंतों-लिवर की बीमारी या फिर हार्मोनल बदलाव की दिक्कतों का भी संकेत माना जाता है।
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कब्ज और पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
डॉक्टरों के अनुसार अगर पेट फूलने के साथ वजन तेजी से घट रहा हो, भूख कम हो गई है साथ ही उल्टी, लगातार दर्द या मल त्याग में बदलाव दिख रहे हों, तो इसे सामान्य गैस मानकर टालना खतरनाक हो सकता है। महिलाओं में ओवरी से जुड़ी समस्याएं और पुरुषों में लिवर या आंतों की बीमारी भी लंबे समय तक पेट फूलने का कारण बन सकती है।


कब्ज के कारण ब्लोटिंग

कब्ज रहना पेट फूलने की सबसे सामान्य वजह मानी जाती है। जब मल लंबे समय तक बड़ी आंत में जमा रहता है तो वहां बैक्टीरिया फर्मेंटेशन होने लगता है। इससे गैस बनती है और पेट फूला हुआ महसूस होता है।
 
  • अमेरिकन गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार कब्ज होने पर आंतों कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है। इससे पाचन बिगड़ता है और ब्लोटिंग की समस्या होती है।
  • कम पानी पीना, फाइबर की कमी, लंबे समय तक बैठे रहना भी कब्ज और पेट फूलने की दिक्कत बढ़ा देता है।

कब्ज के अलावा कई गंभीर समस्याओं में भी पेट फूलने के लक्षण देखे जाते हैं।
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आंतों से संबंधित समस्याओं का कारण - फोटो : adobe stock images
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का खतरा

अक्सर पेट फूला रहना कई बार इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी बीमारियों का भी लक्षण हो सकता है।
 
  • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम  पाचन समस्या है जिसमें आंतें ठीक तरीके से काम नहीं कर पातीं। 
  • इसके कारण पेट फूलने, गैस, पेट दर्द, कब्ज और कभी-कभी दस्त की समस्या भी होती है। 
  • अक्सर तनाव में रहने, ज्यादा मसालेदार भोजन, कैफीन और अनियमित खानपान की वजह से इस बीमारी का खतरा हो सकता है।

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पेट की समस्या - फोटो : Adobe stock
कुछ चीजों से एलर्जी

अगर आपको खानपान की कुछ चीजों से एलर्जी है तो इसके कारण भी पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
 
  •  जिन लोगों को दूध, ग्लूटेन, बीन्स जैसी चीजें पचाने में दिक्कत होती है उन्हें पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
  • फूड इंटॉलरेंस की वजह से आंतें भोजन को ठीक से नहीं पचा पाती। इससे वह फर्मेंट होने लगता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग होती है।
  • लैक्टोज इंटॉलरेंस वालों में इसका खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों को दूध पीने के बाद पेट फूलने, गैस और दस्त हो सकते हैं।
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क्या आपका भी पेट अक्सर फूला रहता है? - फोटो : Freepik.com
पेट फूले रहने के इन कारणों को भी जानिए

अगर आपको फैटी लिवर या लिवर की बीमारी है तो भी पेट फूला रह सकता है। इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। इससे पेट में भारीपन, गैस और ब्लोटिंग महसूस हो सकती है।
 
  • महिलाओं में ओवरी से जुड़ी बीमारियों या ओवेरियन कैंसर के कारण भी लगातार ब्लोटिंग की दिक्कत हो सकती है।
  • आंतों में सूजन, संक्रमण या ट्यूमर भी पेट फूलने का कारण बन सकते हैं।
  • अगर ब्लोटिंग काफी समय से है और वजन भी तेजी से कम हो रहा हो, मल में खून आ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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