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Health Tips: 1 जनवरी से चीन गर्भनिरोधक उत्पादों पर लगाएगा 13% टैक्स, जानें क्या बोले विशेषज्ञ?

Sat, 13 Dec 2025 12:13 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Why VAT Imposed On Condoms In China:चीन में 1 जनवरी 2026 से गर्भनिरोधक उत्पादक पर 13% टैक्स लगेगा। बताया जा रहा है कि इस टैक्स को लगाने का मूल कारण है कि लोग इससे गर्भनिरोधक उत्पाद कम खरीदेंगे जिससे जन्म दर बढ़ने लगेगी। इस पर चीन के विशेषज्ञ भी अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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दवा - फोटो : Amar Ujala
Tax on Contraceptives And Fertility Rate: चीन सरकार अपनी गिरती जन्म दर को लेकर चिंतित है और इसे बढ़ाने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही है। देश में दशकों से चली आ रही 'वन-चाइल्ड पॉलिसी' को 2015 में खत्म करने के बाद, चीन ने 2021 में बच्चों की सीमा बढ़ाकर तीन कर दी थी। इसी कड़ी में चीन अब गर्भनिरोधक दवाओं और उत्पादों पर तीन दशकों से अधिक समय में पहली बार मूल्य वर्धित कर VAT लगाना शुरू करेगा।

1 जनवरी से कंडोम जैसे उत्पादों पर 13% का सामान्य VAT लागू होगा, जो पहले कर-मुक्त थे। इस टैक्स को लगाने का मूल कारण यह बताया जा रहा है कि लोग इससे गर्भनिरोधक उत्पादों को कम खरीदेंगे, जिससे अनचाहे गर्भधारण होंगे और अंततः जन्म दर बढ़ने लगेगी।

यह खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है, जहां लोग सरकार का मजाक भी उड़ा रहे हैं, उनका कहना है कि बच्चे को पालने का खर्च 13% टैक्स से कहीं अधिक है, इसलिए यह टैक्स प्रजनन निर्णयों को प्रभावित नहीं करेगा। चीन के इस निर्णय पर विशेषज्ञ भी कुछ सुझाव दिए हैं, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
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चीन ने कंडोम पर भी बढ़ाया टैक्स - फोटो : Adobe Stock
आखिर क्यों चीन में लगा 'कंडोम' पर टैक्स?
चीन में गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स लगाने का सीधा उद्देश्य देश की घटती जनसंख्या और जन्म दर को रोकना है। 2024 में चीन में केवल 95 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जो 2019 की तुलना में एक तिहाई कम है। भारत अब चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन चुका है।

सरकार चाहती है कि लोग गर्भनिरोधक का उपयोग कम करें और परिवार बढ़ाएँ। इस टैक्स के माध्यम से सरकार प्रजनन संबंधी फैसलों को आर्थिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
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चीन ने गर्भनिरोधक दवाओं पर बढ़ाया टैक्स - फोटो : Adobe Stock
क्या बोले विशेषज्ञ?
वर्जीनिया विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ कियान कै के अनुसार, 'प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में इस टैक्स का प्रभाव बहुत सीमित होगा।' विशेषज्ञ इस बात को लेकर गंभीर चिंताएं उठा रहे हैं कि इन उत्पादों के महंगा होने से कम आय वाले लोगों के लिए गर्भनिरोधक उत्पादों तक पहुंच कम हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप, अनैच्छिक गर्भधारण और अनचाहे गर्भपात की संख्या बढ़ सकती है, साथ ही स्वास्थ्य देखभाल लागत में भी वृद्धि हो सकती है।

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बढ़ सकता है यौन संचारित रोगों की संख्या - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
यौन संचारित रोगों का बढ़ा खतरा
गर्भनिरोधक उत्पादों के महंगा होने से उनका उपयोग घटने की आशंका है, जिससे यौन संचारित रोग (एसटीआई) तेजी से फैल सकते हैं। चीन में पहले से ही के मामले बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 1 लाख से अधिक गोनोरिया और 6 लाख 70 हजार सिफलिस के मामले दर्ज किए गए हैं। कंडोम पर टैक्स लगने से इन रोगों के प्रसार का खतरा और भी बढ़ सकता है।

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महिलाओं के व्यक्तिगत चयन पर सवाल - फोटो : Freepik.com
महिलाओं के व्यक्तिगत चयन पर सवाल
गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स लगाने को कुछ लोग महिलाओं के व्यक्तिगत चयन और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करने के सरकारी प्रयास के रूप में देख रहे हैं। विशेषकर चीन में अधिकांश गर्भनिरोधक की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस कदम से महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वतंत्रता से जुड़े फैसले प्रभावित हो सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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