मोटापा, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, लगभग हर उम्र के लोग इस समस्या के शिकार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा के कारण शरीर में कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। हृदय रोग, डायबिटीज से लेकर मेटाबॉलिक सिंड्रोम की समस्याओं तक के लिए मोटापे को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। जिस गति से बच्चों में यह समस्या बढ़ रही है वह अधिक चिंताजनक है।
बच्चों में अधिक वजन की स्थिति उनके क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी प्रभावित करती है। यह समय से पहले तमाम प्रकार की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) मोटापे के बढ़ते जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट करता रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा न दिया गया तो बढ़ते मोटापे की समस्या गंभीर चिंता का कारण बन सकती है। बच्चों में यह समस्या क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है, क्योंकि इसके कारण कम उम्र में ही कई अन्य बीमारियों के विकसित होने का खतरा हो सकता है।