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कैंसर के इलाज में नई खोज, कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के बाद भी अब नहीं झड़ेंगे बाल

Sat, 14 Sep 2019 04:38 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : pixabay
कैंसर या कर्क रोग एक बहुत ही घातक बीमारी है। इस बीमारी में शरीर के किसी भी हिस्से की कोशिकाओं का अनियंत्रित विभाजन होने लगता है। कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी सबसे ज्यादा प्रचलित ट्रीटमेंट है। लेकिन इस ट्रीटमेंट के दुष्प्रभाव भी हैं। इस ट्रीटमेंट के वजह से मरीज के शरीर के सारे बाल झड़ जाते हैं। आमतौर पर बालों के बिना हम अपने शरीर की कल्पना करने से भी डरते हैं। कैंसर के कुछ मरीज भी इस बात से डर जाते हैं और डिप्रेशन में चले जाते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों के एक समूह ने नया तरीका खोजा है, जिससे कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के बाद भी बालों को झड़ने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं विस्तार से...
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कैंसर
कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के समय मरीजों को जो दवाएं दी जाती हैं, उनसे बाल स्थायी रूप से झड़ जाते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि इस ट्रीटमेंट के बाद भी बालों को झड़ने से रोका जा सकता है। रिसर्च टीम ने कुछ नए तरह की दवाएं बताई हैं, जो कैंसर के इलाज के दौरान होने वाले कोशिका विभाजन को रोक देती हैं और मरीज के बालों पर इसका कोई प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।
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ई एम बी ओ मोलकुलर मेडसिन नाम के जर्नल में प्रकाशित हुई इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस समस्या को रोकने के लिए खास अवरोधकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन अवरोधकों को CDK4/6 नाम दिया गया है। वहीं इस नए ट्रीटमेंट के तरीके को 'टारगेटेड ट्रीटमेंट' कहा गया है।

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कीमोथेरेपी के दौरान क्यों झड़ते हैं बाल?
कैंसर एक ऐसी घातक बीमारी है जो व्यक्ति के शरीर के किसी खास हिस्से में कोशिकाओं को प्रभावित करती है। इस रोग से प्रभावित कोशिकाएं अनियंत्रित विभाजित होती जाती हैं और फैलती जाती हैं। कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के द्वारा दी जाने वाली दवाएं कैंसर कोशिका को बंटने से रोकती है और उन्हें नष्ट करती हैं। लेकिन इस ट्रीटमेंट में दी जाने वाली दवाओं के कारण ही बाल झड़ते हैं। दरअसल कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट का असर स्वस्थ कोशिकाओं पर भी पड़ता है। हेअर फोलिसल्स वह कोशिका है जिसके कारण हमारे बाल बढ़ते हैं। कीमोथेरेपी की दवाएं इस कोशिका को भी नष्ट करती हैं, जिस कारण मरीज के शरीर के बाल झड़ जाते हैं।
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नए इलाज से कम होगी मरीजों की तकलीफ
शोधकर्ताओं ने बताया कि कैंसर के इलाज के दौरान मरीजों में बालों के झड़ने का डर हमेशा देखने को मिलता है। इस घातक बीमारी से जूझ रहे मरीज पहले से ही तनाव और चिंता में होते हैं। ऐसे में बालों के खोने का डर से उनके अंदर और तनाव बढ़ जाता है। लेकिन इस नई दवाओं की खोज से सिर्फ मरीजों का इलाज ही आसान नही होगा बल्कि उनके अंदर से तनाव भी कम होगा।
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