आंखों से संबंधित बीमारियों का खतरा अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा है, 20 से कम उम्र के लोगों और बच्चों में भी इसका जोखिम बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके लिए गड़बड़ लाइफस्टाइल, आहार में विटामिन्स की कमी और आंखों की देखभाल को लेकर लापरवाही को प्रमुख कारण मानते हैं।
मोतियाबिंद आंखों से संबंधित एक गंभीर बीमारी है जिसमें सर्जरी की जरूरत होती है। इस बीमारी में लोगों को धुंधला दिखने लगता है और रोजमर्रा के काम करना भी कठिन हो जाता है। डॉक्टर बताते हैं कि इस बीमारी के कारण आंख के अंदर मौजूद लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है, इसके चलते रोगियों के लिए चीजों को स्पष्ट रूप से देख पाना कठिन हो सकता है।
अब सवाल ये है कि जैसे कम उम्र के लोगों में आंखों से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में क्या बच्चों को भी मोतियाबिंद हो सकता है?