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Cancer Treatment: कैंसर रोगियों के लिए राहत भरी खबर, इस असरदार दवा की मंजूरी से आसान होगा इलाज

Tue, 10 Feb 2026 04:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैंसर के इलाज को आसान बनाने की दिशा में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका को कैंसर की दवा इम्फिंजी को मार्केट करने के लिए इंडियन रेगुलेटर से मंजूरी मिल गई है।
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कैंसर के इलाज की किफायती दवा - फोटो : Freepik.com
कैंसर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती जानलेवा बीमारी है। हर साल लाखों लोगों की इससे मौत हो जाती है। ग्लोबोकॉन-2022 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कैंसर के कारण लगभग 9.16 लाख मौतें हुईं और लगभग 14 लाख नए मामले सामने आए। कैंसर से होने वाली मौतें लगातार बढ़ रही हैं, खासकर महिलाओं और बुज़ुर्ग में इसका खतरा अधिक देखा जा रहा है।

कुछ दशकों पहले तक कैंसर को लाइलाज माना जाता था, मतलब अगर किसी को कैंसर हो गया तो समझो मौत पक्की। हालांकि वैज्ञानिक शोध और कारगर दवाओं ने इसके इलाज को आसान बना दिया है। भारत सरकार भी लगातार देश में कैंसर के इलाज को आसान और किफायती बनाने के लिए प्रयास कर रही है। बजट 2026-27 में भी कैंसर की कई दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट दी गई है।

कैंसर के इलाज को आसान बनाने की दिशा में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका को कैंसर की दवा इम्फिंजी को मार्केट करने और बेचने के लिए इंडियन रेगुलेटर से मंजूरी मिल गई है। एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया लिमिटेड ने मंगलवार ये जानकारी दी है।
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कैंसर की असरदार दवाएं - फोटो : Freepik.com
कैंसर की एक और दवा को मंजूरी

कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया है उसे भारत के ड्रग रेगुलेटर से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले डुरवालुमैब सॉल्यूशन को एडिशनल इंडिकेशन के लिए मार्केट करने की इजाजत मिल गई है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज से 120 mg/2.4 ml और 500 mg/10 ml (ब्रांड नाम इम्फिंजी) के इन्फ्यूजन के लिए आयात, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन  की अनुमति मिल गई है।

अब कार्बोप्लाटिन और पैक्लिटैक्सेल के साथ डर्वालुमैब का इस्तेमाल उन मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है जिन्हें प्राइमरी एडवांस्ड या बार-बार होने वाला एंडोमेट्रियल कैंसर है।

एंडोमेट्रियल कैंसर, सबसे आम प्रकार का गाइनेकोलॉजिकल कैंसर है, जो अक्सर मेनोपॉज के बाद गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) में होता है। इसका मुख्य लक्षण असामान्य वजाइनल ब्लीडिंग है। 
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कैंसर की इलाज और दवाएं - फोटो : Adobe Stock
कई तरह के कैंसर के इलाज में असरदार है इम्फिंजी दवा

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इम्फिंजी का इस्तेमाल एंडोमेट्रियल कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है। यह गर्भाशय की परत का कैंसर है, जब कैंसर बढ़ गया हो या बार-बार हो रहा हो तो इस दवा के इस्तेमाल से इसे कम करने में मदद मिलती है।
 
  • नॉन-स्मॉल सेल लंग्स कैंसर के इलाज में भी इस दवा के इस्तेमाल को कारगर पाया गया है।
  • हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा के शिकार रोगियों के इलाज में भी इस दवा को विशेषज्ञों ने असरदार बताया है। हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा सबसे आम प्रकार का लिवर कैंसर है।
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कैंसर की दवाएं - फोटो : Freepik.com
कैंसर की बायोसिमिलर दवा

इससे पहले हाल ही में देश में कैंसर की एक बेहद किफायती दवा भी लॉन्च हो चुकी है। 22 जनवरी 2026 को दवा निर्माता कंपनी जाइडस लाइफसाइंसेज ने जानकारी दी थी कि उसने भारत में कई तरह के कैंसर के इलाज के लिए एक बायोसिमिलर लॉन्च किया है। कंपनी ने बताया है कि उसने भारत में 'तिष्ठा' नाम से निवोलुमैब का दुनिया का पहला बायोसिमिलर लॉन्च किया है।  गौरतलब है कि निवोलुमैब एक इम्युनोथेरेपी ड्रग है जो शरीर के इम्यून सिस्टम को कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करती है।

कंपनी ने बताया था कि तिष्ठा 100mg और 40mg डोज में उपलब्ध होगी, जिनकी कीमत क्रमशः 28,950 रुपये और 13,950 रुपये होगी। ये कीमतें अब तक की दवाओं की कीमतों का लगभग एक चौथाई हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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