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सेहत की बात: आपके घर में ही मौजूद है प्रोस्टेट कैंसर और फैटी लिवर से बचाने वाली चीज, पर ज्यादातर लोग अनजान

Tue, 08 Sep 2026 05:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टमाटर और पुरुषों की सेहत के बीच भी लंबे समय से शोध चल रहा है। खासकर प्रोस्टेट कैंसर के मामले में कुछ अध्ययनों में  टमाटर या लाइकोपीन लेने से बीमारी के खतरे को कम करने में लाभ देखा गया है। कुछ अध्ययनों में फैटी लिवर वाली समस्या में भी टमाटर को फायदेमंद बताया गया है।
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कैंसर और लिवर की बीमारियों का खतरा कैसे कम करें? - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आप जानते हैं कि हमारी किचन में रोजाना उपयोग में लाई जाने वाली सब्जियां, मसाले सिर्फ स्वाद ही नहीं देते हैं, इनसे हमारी सेहत को भी कई सारे फायदे हो सकते हैं? इतना ही नहीं, लिवर-मेटाबॉलिज्म की समस्याओं से लेकर कैंसर तक के खतरे को कम करने में भी कुछ सब्जियों के लाभ प्रमाणित हो चुके हैं।

टमाटर ऐसी सब्जी है जिसका हमारी किचन में रोजाना इस्तेमाल होता है। अध्ययनों में पाया गया है कि टमाटर में मौजूद लाइकोपीन नाम का प्राकृतिक तत्व इसे पोषण के लिहाज से खास बनाता है। लाइकोपीन पौधों से मिलने वाला ऐसा तत्व है, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से नुकसान पहुंचाने से बचाने की क्षमता रखता है। इंसानों पर हुए कई अध्ययनों की समीक्षा में टमाटर और लाइकोपीन को सेहत के लिए बहुत लाभकारी पाया गया है। 

क्या टमाटर आपको लिवर की बीमारी और कैंसर से भी सुरक्षा दे सकता है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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टमाटर खाने के फायदे - फोटो : Freepik.com
टमाटर खाने से सेहत को होने वाले फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टमाटर को कई अध्ययनों से सेहत को ठीक रखने और कई बीमारियों से बचाने में मददगार पाया गया है. हालांकि इसे दवा की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।  पुरुषों की सेहत पर टमाटर के फायदों को लेकर लंबे समय से शोध चल रहा है। 
 
  • खासकर प्रोस्टेट कैंसर के मामले में कुछ अध्ययनों में टमाटर और इसमें मौजूद लाइकोपीन के फायदे देखे गए हैं।
  • लाइकोपीन कैंसर कोशिकाओं की वृ्द्धि को कम करने में मददगार हो सकता है।
  • इसी तरह कुछ अध्ययन बताते हैं कि ये टमाटर फैटी लिवर की समस्या को कम करने में भी मदद कर सकता है।
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प्रोस्टेट कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe stock
टमाटर में ऐसा क्या है जो इसे खास बनाता है?

टमाटर की सबसे ज्यादा चर्चा इसमें मौजूद लाइकोपीन को लेकर होती है, यह टमाटर को लाल रंग देने वाला प्राकृतिक तत्व है और इसमें शरीर की कोशिकाओं को क्षति पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने की क्षमता होती है। इसके अलावा टमाटर में विटामिन-सी, पोटैशियम और दूसरे पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व भी होते हैं। लाइकोपीन शरीर में वसा के साथ बेहतर तरीके से अवशोषित हो जाता है। 


प्रोस्टेट कैंसर का खतरा होता है कम

अध्ययनों में पाया गया है कि टमाटर खाने से कुछ प्रकार के कैंसर, विशेषतौर पर प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
 
  • एपिडेमियोलॉजिकल और क्लिनिकल अध्ययनों से पता चलता है कि लाइकोपीन फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने, डीएनए को होने वाले नुकसान को कम करने के साथ कैंसर सेल्स के फैलने की रफ्तार को धीमा करने में मदद करता है।
  • 2016 में हुए एक अध्ययन में 24 शोध के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया जिसमें पाया गया कि ये  प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को घटाने में मददगार हो सकता है।
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लिवर की समस्याओं में भी फायदेमंद - फोटो : adobe stock images
फैटी लिवर में टमाटर कैसे मदद कर सकता है?

फैटी लिवर की समस्या में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन शरीर में सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली प्रक्रियाओं को कम करने में मददगार पाया गया है। 
 
  • एक क्लिनिकल रिसर्च से पता चलता है कि रोजाना 200 ग्राम कच्चे टमाटर खाने से मेटाबोलिक डिसफंक्शन से जुड़ी स्टीटोटिक लिवर बीमारी (एमएएसएलडी) वाले वयस्कों में लिवर का फैट कम करने में मदद मिल सकती है।
  • हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि फैटी लिवर होने पर टमाटर खाने से बीमारी ठीक हो जाएगी, ये बस आपके जोखिमों को कम करने में मददगार हो सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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