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डाइट टिप्स: रोज फल खाते हैं तो क्या इससे भी हो सकता है डायबिटीज का खतरा? डायटीशियन से जानिए

Tue, 25 Aug 2026 07:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रोज फल खाना आम तौर पर डायबिटीज का कारण नहीं माना जाता। साबुत फल जूस से बेहतर विकल्प है, जबकि सूखे फल और बहुत ज्यादा मात्रा में फल खाने पर सावधानी जरूरी है। आम, केला या अंगूर को पूरी तरह बंद करने के बजाय मात्रा, कुल डाइट और जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए।
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फलों से डायबिटीज का खतरा? - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपना खान-पान ठीक रखने की सलाह देते हैं। डाइट में ऐसी चीजों की मात्रा अधिक से अधिक रखना जरूरी है जिससे जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। इसके लिए रंग-बिरंगी सब्जियां, नट्स और सीड्स के साथ मौसमी फल खाना आपके लिए बहुत लाभकारी हो सकता है।

फलों में प्राकृतिक शुगर के साथ फाइबर, विटामिन, मिनरल और कई दूसरे पोषक तत्व होते हैं। अमरूद और कीवी जैसै फलों को डायबिटीज से लेकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने तक में फायदेमंद पाया गया है। पर फलों को लेकर अक्सर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल रहता है कि कहीं इससे शुगर बढ़ने का खतरा तो नहीं?

आमतौर पर ज्यादातर फलों का स्वाद मीठा होता है, यही कारण है कि लोगों में इससे डायबिटीज के खतरे को लेकर डर रहता है। आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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डायबिटीज में फल खाना - फोटो : Adobe
फलों में होती है प्राकृतिक मिठास
 
आहार विशेषज्ञ पारुल चौहान कहती हैं, फलों में फ्रुक्टोज समेत प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन पूरा फल सिर्फ शुगर नहीं होता। इसमें फाइबर, पानी और दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं। 
 
  • फाइबर पाचन को धीमा करता है और इससे पूरे फल का ग्लूकोज प्रभाव आम तौर नुकसानदायक नहीं होता है। 
  • इसी वजह से फल को सिर्फ उसमें मौजूद शुगर देखकर डायबिटीज बढ़ाने वाला मानना सही नहीं है।
  • ऐडेड शुगर और प्राकृतिक शुगर दोनों अलग चीज हैं, प्राकृतिक शुगर को सेहत के लिए हानिकारक नहीं माना जाता है।
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ड्राई फ्रूट्स से शुगर बढ़ने का खतरा - फोटो : Freepik.com
फल को जूस बनाकर पीना कम कर सकता है पोषण

डायटीशियन कहती हैं, फल खाने से आमतौर पर शुगर बढ़ने का खतरा नहीं होता है।असली गलती है फल को जूस बनाकर पीने से है। जूस बनाकर पीने से फल का फाइबर कम हो जाता है। जूस में फलों का गूदा निकल जाता है जिसमें फाइबर की अधिकतर मात्रा पाई जाती है।  अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी पूरे साबुत फल को जूस के मुकाबले प्राथमिकता देने की सलाह देता है। 

इसी तरह पैकेज्ड फ्रूट ड्रिंक से और ज्यादा सावधानी जरूरी है, क्योंकि उनमें एडेड शुगर की मात्रा भी अधिक होती है जिससे शुगर लेवल बढ़ने का जोखिम हो सकता है।

ड्राई फ्रूट्स को लेकर सावधानी

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, मौसमी फल सेहत के लिए ज्यादा अच्छे होते हैं। इसकी जगह ड्राई फ्रूट जैसे किशमिश, खजूर, सूखे अंजीर जैसे फल खाना आपका शुगर लेवल तेजी से बढ़ाने वाला हो सकता है। फलों को सुखाकर खाने से उसकी संरचना और शुगर की मात्रा पर प्रभाव पड़ता है यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज में ड्राई फ्रूट्स का चयन सावधानी से करने की सलाह देते हैं।
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डायबिटीज में कौन से फल खाएं? - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज में फल खाएं या नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर डायबिटीज का डर है तो फल बंद करना समाधान नहीं है। हमेशा साबुत फल खाएं और ऐसे फलों का चयन करें जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। जूस और मीठे शेक से बचें। किशमिश-अंजीर जैसे सूखे फल की मात्रा भी कम रखें। फलों के साथ ही वजन, व्यायाम और पूरी डाइट पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। 
 
  • डायबिटीज का खतरा किसी एक फल से तय नहीं होता। इंसुलिन रेजिस्टेंस, वजन बढ़ना, उम्र, फैमिली हिस्ट्री और शारीरिक गतिविधियां भी आपके शुगर लेवल को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं। इसपर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।





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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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