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Health Tips: कैल्शियम की कमी हड्डियों को बना देती है खोखला, आज से ही शुरू कर दें ये उपाय

Thu, 24 Apr 2025 09:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र के साथ शरीर में कैल्शियम का अवशोषण घट जाता है। इसके अलावा महिलाओं में विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद, एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं।
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हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
शरीर को फिट रखने के लिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत आवश्यक माना जाता है। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण कम उम्र में ही हड्डियों से संबंधित समस्याओं का जोखिम तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है, कैल्शियम की कमी को इसका एक कारण माना जा सकता है।

भारत में कैल्शियम की कमी एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, अध्ययनों से पता चलता है कि विभिन्न आयु समूहों में लो कैल्शियम की दिक्कत देखी जाती रही है। अध्ययन में पाया गया कि भारत में शहरी क्षेत्र में स्कूल जाने वाले 59.9% बच्चों और किशोरों में कैल्शियम की कमी हो सकती है। कैल्शियम हड्डियों, दांतों, मांसपेशियों, नसों और हृदय के सामान्य कामकाज के लिए बहुत जरूरी खनिज है।
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शरीर में कैल्शियम की कमी - फोटो : freepik.com
क्यों होती है कैल्शियम की कमी

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोगों को नियमित रूप से आहार में कैल्शियम युक्त चीजों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैल्शियम हड्डियों-दांतों से संबंधित लाभ के अलावा हृदय की लय और मांसपेशियों के संकुचन को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण है। क्या आप अपने आहार के माध्यम से इस पोषक तत्व की पूर्ति कर पा रहे हैं?

शरीर में अपर्याप्त कैल्शियम हाइपोकैल्सीमिया नामक स्थिति का कारण बन सकती है। इस समस्या में भ्रम, मांसपेशियों में ऐंठन, हाथ-पैर में सुन्नता और हड्डियों के फ्रैक्चर होने का खतरा अधिक होता है। कैल्शियम की कमी हड्डियों की ताकत को कम कर सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकती है।

क्यों होती है कैल्शियम की कमी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र के साथ शरीर में कैल्शियम का अवशोषण घट जाता है, यही कारण है कि 50 की आयु के बाद वाले लोगों में इसकी महत्वपूर्ण कमी देखी जाती है। इसके अलावा महिलाओं में विशेषकर रजोनिवृत्ति के बाद, एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं।

आहार में डेयरी उत्पादों की कमी या किडनी-लिवर की बीमारी वाले लोग भी कैल्शियम की कमी से परेशान देखे जाते हैं। कुछ बातों का ध्यान रखकर आप शरीर में कैल्शियम की पूर्ति कर सकते हैं।
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विटामिन-डी शरीर के लिए बहुत जरूरी - फोटो : freepik.com
कैल्शियम के लिए इस बात का भी रखें ध्यान

शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए विटामिन-डी वाले आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। असल में कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है। कैल्शियम हड्डियों के निर्माण और इसकी मजबूती को बनाए रखने में मदद करता है, जबकि विटामिन-डी आपके शरीर को कैल्शियम को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करता है। इसलिए भले ही आप पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम ले रहे हों, लेकिन विटामिन डी की कमी होने पर यह बेकार हो सकता है। 
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आहार में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
कैल्शियम के लिए क्या खाएं?

सभी मेवों में से बादाम में सबसे अधिक कैल्शियम होता है। केवल 28 ग्राम बादाम से आप कैल्शियम की दैनिक जरूरतों के 6% की पूर्ति कर सकते हैं। हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ दिमाग के लिए भी बादाम लाभकारी है। 
  • दूध, दही और पनीर जैसे उत्पाद कैल्शियम से भरपूर होते हैं और इसके सेवन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त हो सकता है। 
  • बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को रोजाना दूध का सेवन जरूर करना चाहिए। 
  • दूध से न सिर्फ कैल्शियम मिलता है साथ ही यह पूर्ण आहार भी माना जाता है। रोजाना दूध के साथ बादाम खाने से हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने में विशेष लाभ मिल सकता है। 
  • हरी पत्तेदार सब्जियां सिर्फ आयरन ही नहीं कैल्शियम का भी बेहतर स्रोत हैं। गोभी, पालक और कोलार्ड कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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