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Health Tips: बार-बार नाखून टूटना कैल्शियम की कमी है या फिर कुछ और? ये कोई गंभीर बीमारी तो नहीं

Tue, 04 Nov 2025 07:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • नाखूनों के कमजोर-भंगुर होने और बार-बार टूटने के और भी कई कारण हो सकते हैं। अगर आपको भी नाखूनों से संबंधित इस तरह की समस्या बार-बार हो रही है तो समय रहते किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। 
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नाखून टूटने के क्या कारण हैं? - फोटो : Adobe
क्या आपके नाखून भी भंगुर हो रहे हैं, बार-बार टूट जाते हैं? अगर हां तो इसे सामान्य सी समस्या मानने की भूल न करें, कुछ स्थितियों में ये गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है जिसको लेकर सभी लोगों को पहले से अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है।

नाखून हमारे शरीर का एक छोटा सा हिस्सा हैं, लेकिन ये हमारी सेहत का आईना होते हैं। अक्सर लोग नाखूनों को केवल सुंदरता का प्रतीक मानते हैं, जबकि असल में इनके रंग, बनावट और मजबूती में दिख रहा बदलाव हमारे शरीर के अंदर चल रही प्रक्रियाओं और पोषण की स्थिति को संकेत भी हो सकते हैं। नाखूनों का कमजोर होना, टूटना या उनका रंग बदलना कई बार किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।

अगर आपको भी नाखूनों से संबंधित इस तरह की समस्या बार-बार हो रही है तो समय रहते किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। इससे किसी गंभीर बीमारी को समय रहते पकड़ने में भी मदद मिल सकती है।
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नाखूनों से संबंधित समस्याएं - फोटो : Adobe stock
बार-बार नाखून टूटने की वजह

डॉक्टर बताते हैं, मजबूत नाखून अच्छी सेहत की निशानी होते हैं। कई बार पोषण की कमी या बीमारी की वजह से नाखून टूटने लगते हैं। हालांकि नाखूनों का बार-बार टूटना हाथों की सुंदरता को तो बिगाड़ता ही है, साथ ही यह अंदरूनी बीमारी या पोषण की कमी, हॉर्मोनल 'असंतुलन या फिर किसी त्वचा रोग की वजह से भी हो सकता है।

नाखून कमजोर होने की सबसे बड़ी वजह होती है- पोषकता की कमी। आमतौर पर जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती है उनमें दांतों-हड्डियों की कमजोरी के साथ नाखूनों से संबंधित दिक्कतें भी होने लगती हैं।
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नाखूनों की सेहत का रखें ध्यान - फोटो : Adobe Stock
नाखूनों की कमजोरी के क्या कारण हैं?

नाखूनों के कमजोर-भंगुर होने और बार-बार टूटने के और भी कई कारण हो सकते हैं। अगर बार-बार डिटर्जेंट या केमिकल वाले उत्पाद का इस्तेमाल किया जाए तो भी नाखून कमजोर हो सकते हैं। पानी की कमी भी नाखूनों के कमजोर होने की वजह बन सकता है। इसके अलावा ज्यादा नेल पॉलिश या नेल रिमूवर का उपयोग भी नाखूनों को कमजोर कर देते हैं।

इसके अलावा कुछ बीमारियां जैसे थायरॉइड, एनीमिया, फंगल इन्फेक्शन भी नाखून को कमजोर बना सकते हैं। इसी तरह शरीर में विटामिन बी, कैल्शियम, आयरन और फैटी एसिड की कमी के कारण नाखून कमजोर हो जाते हैं।

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नाखूनों की कमजोरी - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार शैलत कहते हैं, अगर नाखून बार- बार टूटते हैं और इनमें पीलापन आता है या संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए। यह शरीर में किसी गंभीर कमी या बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसे मजबूत बनाने के लिए हरी सब्जियां, फल, दाल, अंडा, दूध और सूखे मेवे खाएं। रोजाना पर्याप्त पानी पीएं, ताकि शरीर और नाखून दोनों हाइड्रेटेड रहे। हाथ धोने के बाद नारियल तेल से नाखूनों की मालिश करें।
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समय रहते लें डॉक्टरी सलाह - फोटो : Adobe stock
नाखून के रंग में बदलाव दिखे तो हो जाएं सावधान

नाखूनों का सामान्य रंग हल्का गुलाबी होता है। लेकिन जब यह पीले, सफेद, नीले, भूरे या हरे दिखने लगें, तो यह चेतावनी संकेत हो सकता है। उदाहरण के लिए, पीले नाखून फंगल इन्फेक्शन या थायरॉइड की बीमारी का संकेत दे सकते हैं, जबकि सफेद नाखून लिवर की समस्या की ओर इशारा करते हैं। इसी तरह नीले नाखून इस बात का संकेत हैं कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही, जो हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का संकेत हो सकता है।

अगर आपके नाखूनों का रंग अचानक बदल गया है तो इसे गंभीरता से लें और डॉक्टर की सलाह लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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