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Breast Cancer: क्या चीनी और जंक फूड्स बढ़ा रहे हैं ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? जानिए आप कैसे रहें सुरक्षित

Sat, 01 Aug 2026 07:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डाइट ब्रेस्ट कैंसर से पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं देती, लेकिन जोखिम कम करने में इसकी अहम भूमिका हो सकती है। इसके साथ नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना, स्तन की समय-समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।
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ब्रेस्ट कैंसर का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर की महिलाओं में तेजी से बढ़ती समस्या है, अब 30 से कम उम्र वाली महिलाओं को भी इसका शिकार देखा जा रहा है। डॉक्टर कहते हैं, जिस तरह से हमारी दिनचर्या और खान-पान में गड़बड़ी बढ़ गई है, इसने चिंता और बढ़ा दी है। महिलाओं में बढ़ता मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, देर से मां बनने की प्लानिंग के अलावा हार्मोनल बदलाव और कई आनुवंशिक कारण भी स्तन कैंसर के मामलों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।

मेडिकल रिपोर्टस से पता चलता है कि वैसे तो हर ब्रेस्ट कैंसर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कई मामलों में स्वस्थ जीवनशैली और सही आहार आपके जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका जरूर निभा सकते हैं। जिन लोगों में स्तन कैंसर होने का जोखिम अधिक है उन्हें इसपर और गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।

आइए जानते हैं कि आप इसके खतरे से कैसे बचाव कर सकती हैं?
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स्तन कैंसर के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com
ब्रेस्ट कैंसर के लिए सुपरफूड

सोशल मीडिया और रील्स में इंफ्लूएंसर्स कई ऐसी चीजों के बारे में बताते दिख जाएंगे, जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर को रोकने वाला कहा जाता है। हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि कोई भी खाद्य पदार्थ या सुपरफूड कैंसर से पूरी तरह सुरक्षा नहीं देता। 
 
  • हालांकि यदि लंबे समय तक संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में फाइबर, फल-सब्जियां, साबुत अनाज का सेवन किया जाए तो इससे कैंसर बढ़ाने वाली स्थितियों को रोका जा सकता है।
  • विशेषज्ञ बताते हैं कि डाइट अकेले पर्याप्त नहीं है। कैंसर से बचे रहने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार जैसे नियमित व्यायाम, वेट कम करना और स्तन की समय-समय पर जांच जरूरी है।
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ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम - फोटो : Adobe stock
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कैसे कम करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डाइट में सुधार ब्रेस्ट कैंसर से पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं देती, लेकिन इससे जोखिम कम करने में मदद जरूर मिल सकती है। 
 
  • अध्ययनों में पाया गया है कि पौधों पर आधारित संतुलित आहार, पर्याप्त फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर भोजन शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • स्वस्थ आहार वजन कंट्रोल रखने में भी मदद करता है। मोटापा के कारण ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • डाइट में कुछ चीजों को एंटी-कैंसर प्रभावों वाला पाया गया है हालांकि इससे कैंसर बिल्कुल नहीं होने की गारंटी नहीं होती।

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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
कौन-सी चीजें खाने से हो सकता है फायदा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोजाना रंग-बिरंगे फल और सब्जियां, साबुत अनाज, दालें-बीन्स और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं। 
 
  • इनमें फाइबर, विटामिन-सी, विटामिन-ई, कैरोटेनॉयड्स, पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।
  • ये पोषक तत्व कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री-रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। 
  • ब्रोकली, पत्तागोभी, फूलगोभी जैसी क्रूसीफेरस सब्जियों में कई ऐसे यौगिक हो सकते हैं जो शरीर में कैंसर की वृद्धि को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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खान-पान में गड़बड़ी की समस्या - फोटो : Adobe stock photos
क्या चीजें ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ा देती हैं खतरा?

खान-पान में सुधार से कैंसर के जोखिमों को कम किया जा सकता है, पर डाइट की कुछ चीजें आपके लिए मुश्किलें भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
 
  • प्रोसेस्ड फूड, चीनी वाली चीजें, ट्रांस फैट और तली हुई चीजें खाने से मोटापा और मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। 
  • ये स्थितियां कुछ प्रकार के ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। 
  • इसके अलावा शराब पीने की आदत को ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम कारकों में से एक माना जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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