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Cancer: हर साल छह लाख से अधिक महिलाओं की इस कारण हो जाती है मौत, बचाव के लिए आज से ही शुरू करें ये उपाय

Fri, 11 Oct 2024 09:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिलाओं में बढ़ते कैंसर के मामले - फोटो : Freepik.com
कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। पुरुषों में प्रोस्टेट और लंग्स, जबकि महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते हैं। वैश्विक आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि स्तन कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। स्तन कैंसर दुनियाभर में दूसरा सबसे आम और महिलाओं में होने वाले कैंसर में टॉप पर है।

साल 2022 में महिलाओं में स्तन कैंसर के करीब 23 लाख नए मामले सामने आए, वहीं स्तन कैंसर के कारण विश्वभर में 670,000 मौतें हुईं। यहां जानना जरूरी है कि महिलाओं के साथ पुरुषों में भी स्तन कैंसर का खतरा हो सकता है, हालांकि ऐसे मामले काफी दुर्लभ हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्तन या ब्रेस्ट कैंसर को लेकर सभी महिलाओं को कम उम्र से ही सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। कम उम्र में भी आप इसका शिकार हो सकती हैं। जिन महिलाओं के परिवार में पहले किसी को स्तन कैंसर हो चुका है, उनमें इसका खतरा अधिक होता है।

कम उम्र से ही स्तन कैंसर से बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है।
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स्तन कैंसर का खतरा - फोटो : freepik.com
क्यों होता है स्तन कैंसर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे सामान्य प्रकार के कैंसर में से एक है। इसके कारण कई प्रकार के होते हैं। आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के साथ दिनचर्या की गड़बड़ी भी इसका खतरा बढ़ाने वाली मानी जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि हार्मोनल असंतुलन जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाने के कारण स्तन कैंसर होने का खतरा अधिक हो सकता है।

इसके अलावा मोटापा को भी इसका जोखिम बढ़ाने वाला पाया गया है। अत्यधिक शराब पीने या धूम्रपान करने से भी आप इसका शिकार हो सकती हैं।
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व्यायाम की बनाएं आदत - फोटो : freepik.com
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कुछ आसान से उपायों को अपनाकर आप स्तन कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। इसके लिए नियमित व्यायाम जरूरी है। 

शारीरिक रूप से सक्रिय रहकर न केवल आप वजन को नियंत्रित कर सकती हैं, साथ ही ये हार्मोनल असंतुलन को भी कम करता है। दिन में 30 मिनट की नियमित शारीरिक गतिविधि स्तन कैंसर के खतरे को कम करती सकती है। अगर आप नियमित व्यायाम करती हैं तो इससे कई अन्य प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का भी खतरा कम हो सकता है। 

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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
एंटीऑक्सीडेंट आहार का सेवन

फल-सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार का सेवन करना संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जरूरी है। वसा, शर्करा और तले हुए भोजन नुकसानदायक माने जाते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखने के साथ कैंसर को जोखिमों से बचाव के लिए भी आपके लिए पौष्टिक आहार के सेवन से मदद मिल सकती है। एंटीकैंसर और एंटीऑक्सीडेंट वाली चीजें संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में मददगार हैं। 
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धूम्रपान से होने वाली समस्याएं - फोटो : freepik.com
धूम्रपान-शराब से बिल्कुल दूरी बनाएं

धूम्रपान-शराब दोनों के कारण हमारी सेहत को गंभीर क्षति होने का जोखिम रहता है। इसे स्तन कैंसर के लिए भी एक कारक माना जाता है। शोध से पता चलता है जो महिलाएं अक्सर शराब पीती हैं या धूम्रपान करती हैं उनमें अन्य की तुलना में स्तन कैंसर का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान न केवल स्तन कैंसर बल्कि अन्य प्रकार के कैंसर का भी कारण बन सकता है। धूम्रपान से पूरी तरह से दूर रहना चाहिए।
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कैंसर की जांच - फोटो : Freepik.com
नियमित जांच जरूरी 

नियमित मेमोग्राम और स्तन कैंसर की जांच से प्रारंभिक चरण में ही कैंसर का पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज के सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। हर महीने अपने स्तनों की खुद से जांच करें और कोई भी असामान्य परिवर्तन जैसे गांठ, त्वचा में बदलाव या निप्पल से स्त्राव होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं समय पर कैंसर का निदान हो जाने से रोग का इलाज और इससे जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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