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Brain Stroke: हर चार मिनट में स्ट्रोक से हो जाती है एक व्यक्ति की मौत, ये फॉर्मूला साबित हो सकता है 'रक्षक'

Mon, 30 Jun 2025 10:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 25 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 4 में से 1 वयस्क को अपने जीवनकाल में स्ट्रोक होने का खतरा रहता है।
  • एम्स के न्यूरो-विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में हर साल स्ट्रोक के करीब 1.85 मामले सामने आते हैं।
  • हर चार मिनट में एक व्यक्ति की स्ट्रोक से मौत हो जाती है।
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ब्रेन स्ट्रोक और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
Brain Stroke Ki Pahchan: स्ट्रोक एक गंभीर और जानलेवा समस्या है जिसका खतरा कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि साल 2022 में दुनियाभर में 12.2 मिलियन (1.22 करोड़) से ज्यादा स्ट्रोक के नए मामले सामने आए। स्ट्रोक दुनियाभर में मौत और विकलांगता का एक प्रमुख कारण है।

वैश्विक स्तर पर, 25 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 4 में से 1 वयस्क को अपने जीवनकाल में स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। साल 2023 में एक रिपोर्ट में एम्स के न्यूरो-विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में हर साल स्ट्रोक के करीब 1.85 मामले सामने आते हैं। हर चार मिनट में एक व्यक्ति की स्ट्रोक से मौत हो जाती है।

लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण स्ट्रोक होने का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर हाई रहता है उनमें स्ट्रोक और हार्ट अटैक दोनों का खतरा अधिक होता है।
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com
स्ट्रोक की समस्या को जानिए

स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क की किसी नस में ब्लॉकेज हो जाती है या नस फटने के कारण खून का प्रवाह रुक जाता है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। जब मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन और रक्त नहीं मिल पाता, तो उसकी कोशिकाएं कुछ ही मिनटों में डेड होने लगती हैं, यही स्थिति स्ट्रोक कहलाती है।

यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जो अगर समय रहते ना पहचानी जाए, तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। कई मामलों में स्ट्रोक के कारण विकलांगता का भी खतरा रहता है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, स्ट्रोक के लक्षण अचानक और तीव्र होते हैं, लेकिन कुछ शुरुआती संकेतों पर ध्यान दे दिया जाए तो आप जानलेवा स्थिति से बच सकते हैं।
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ब्रेन स्ट्रोक और इसके कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
इन लक्षणों पर दें गंभीरता से ध्यान

स्ट्रोक के समय रहते पहचान के लिए सबसे पहले कुछ लक्षणों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। स्ट्रोक की स्थिति में सिर में बहुत असहनीय दर्द की समस्या हो सकती है, ये इसका सबसे आम लक्षण है। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति भ्रमित हो सकता है, बोलने या किसी की बातों को समझने में कठिनाई हो सकती है।

स्ट्रोक होने पर चेहरे, हाथ या पैर सुन्न हो सकते हैं, इनमें कमजोरी या लकवा जैसी समस्या हो सकती है। यदि व्यक्ति अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाने की कोशिश करे तो अक्सर एक हाथ कमजोर होकर नीचे गिरने लगता है। इसमें शारीरिक संतुलन भी बिगड़ जाता है जिससे चलना कठिन हो जाता है।

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स्ट्रोक में होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
स्ट्रोक की पहचान के लिए फार्मूला

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने के लिए एक फार्मूला है- FAST जिसके माध्यम से आसानी से पता किया जा सकता है कि किसी को स्ट्रोक हुआ है या नहीं। इन चार चीजों की तुरंत जांच करें।
  • F (Face Drooping): क्या चेहरा एक तरफ झुक गया है?
  • A (Arm Weakness): क्या एक हाथ कमजोर है या गिर रहा है?
  • S (Speech Difficulty): क्या बोलने में दिक्कत है?
  • T (Time to Call Emergency): यदि हां, तो तुरंत आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें।
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स्ट्रोक से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : Adobe stock
किन लोगों में होता है स्ट्रोक का खतरा?

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जैसी संस्थाओं के अनुसार, स्ट्रोक युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकता है। हालांकि कुछ स्थितियां आपके जोखिमों को काफी बढ़ाने वाली हो सकती हैं। 

अध्ययनों से पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति वाले लोगों में इसका सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसके अलावा अनियंत्रित डायबिटीज, धूम्रपान और शराब की आदत, मोटापा और निष्क्रिय जीवनशैली भी आपके खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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