मस्तिष्क की समस्याएं
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स्ट्रोक के खतरे और इससे बचाव
डॉक्टर कहते हैं, स्ट्रोक से पीड़ित बच्चे आमतौर पर पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। लेकिन स्ट्रोक उनके मस्तिष्क के किस हिस्से को प्रभावित करता है, इसके आधार पर कुछ बच्चों की सोचने (संज्ञानात्मक) और बोलने की क्षमता में स्थायी बदलाव आ सकते हैं। वे प्रभावित हिस्से में कमजोर भी हो सकते हैं या उनकी दृष्टि में बदलाव आ सकते हैं। स्ट्रोक से पीड़ित बच्चों में मिर्गी होने का खतरा भी ज्यादा होता है।
बच्चों में स्ट्रोक का निदान करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि लक्षण हमेशा पहचान में नहीं आते। इससे बचाव को लेकर सभी माता-पिता को अलर्ट रहना चाहिए। कभी-कभी, इस्केमिक स्ट्रोक जन्म के दौरान या बच्चे के जन्म के तुरंत बाद होता है, जिसे प्रसवकालीन स्ट्रोक कहा जाता है। गर्भाकालीन मधुमेह या समय से पहले बच्चे के जन्म के कारण भी स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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