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सेहत की बात: शरीर के संकेतों को समझिए, इन बदलावों के पीछे छिपी हो सकती है बीमारी

Sun, 30 Aug 2026 06:33 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शरीर में होने वाले कुछ बदलाव सामान्य हो सकते हैं, लेकिन कई बार ये किसी बीमारी के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं। आंखों का पीला पड़ना, पैरों में सूजन, त्वचा का रंग बदलना, नाखूनों और बालों में असामान्य बदलाव जैसे संकेतों को समझना जरूरी है।
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शरीर खुद देता है बीमारी के संकेत - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने कई तरह की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। लिहाजा अब कम उम्र में ही लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का शिकार होते जा रहे हैं। इन्हीं खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहने की सलाह दे रहे हैं।  पर क्या आप जानते हैं कि कई बार बिना किसी जांच के आप जान सकते हैं कि शरीर में सबकुछ ठीक चल रहा है या नहीं?

असल में हमारा शरीर खुद ही कई बार बीमारी के छोटे-छोटे संकेत देने लगता है। समस्या यह है कि हम इनमें से ज्यादातर बदलावों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। आंखों के नीचे सूजन, त्वचा का रंग बदलना, अचानक बाल झड़ना, नाखूनों में बदलाव, पैरों में सूजन या लगातार मुंह सूखना कई बार शरीर के भीतर चल रही समस्याओं की ओर इशारा हो सकते हैं।  

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम समय रहते शरीर के संकेतों को समझ कर डॉक्टरी मदद ले लें तो इससे कई बार गंभीर समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है। 
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शरीर में बदलावों पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
शरीर के संकेतों को पहचानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में दिखने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को अनदेखा नहीं करना चाहिए। जरूरी नहीं हैं कि वे हर बार किसी बीमारी का ही कारण हों पर इनपर समय रहते गंभीरता से ध्यान देना कई बार आपको गंभीर खतरों से बचाने वाला जरूर हो सकता है।

आमतौर पर पैरों या टखनों में बनी रहने वाली सूजन को हम केवल ज्यादा देर खड़े रहने का परिणाम मान लेते हैं पर कई बार ये शरीर में पानी जमा होने की स्थिति या किडनी-लिवर से जुड़ी समस्या में भी देखी जा सकती है। इसी तरह त्वचा का अचानक पीला पड़ना पीलिया का संकेत हो सकता है, जबकि होंठ या त्वचा का नीला पड़ना शरीर में ऑक्सीजन की कमी से जुड़ा हो सकता है।

आइए ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में जान लेते हैं। 
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पीलिया की दिक्कत - फोटो : Adobe Stock
आंखों का सफेद हिस्सा पीला होना

आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ना शरीर में बिलीरुबिन बढ़ने का संकेत हो सकता है। इसे पीलिया कहा जाता है।
 
  • हेपेटाइटिस जैसी लिवर की बीमारी, पित्त की नली में रुकावट या लाल रक्त कोशिकाओं के ज्यादा टूटने जैसी स्थितियों में बिलीरुबिन बढ़ सकता है। 
  • इसके साथ पेशाब का रंग गहरा होने, थकान, भूख कम लगने या त्वचा के भी पीला होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसपर गंभीरता से ध्यान देना कई बार आपको लिवर की बड़ी समस्याओं से बचा सकता है। 

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त्वचा में खुजली - फोटो : Freepik.com
त्वचा पर अचानक बहुत ज्यादा खुजली या दाने

खुजली और दाने अक्सर एलर्जी, संक्रमण या त्वचा की सामान्य समस्याओं के कारण होते हैं। लेकिन लंबे समय तक रहने वाले दाने कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों में भी देखे जा सकते हैं।
 
  • ल्यूपस जैसी बीमारी में त्वचा पर कुछ खास प्रकार के रैश दिखाई दे सकते हैं। 
  • वहीं लगातार खुजली कभी-कभी लिवर या किडनी की कुछ बीमारियों से भी जुड़ी हो सकती है। इसलिए लंबे समय तक बनी रहने वाली खुजली या बार-बार होने वाले असामान्य रैश का कारण केवल त्वचा की समस्या मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।
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बाल झड़ने की समस्या - फोटो : adobe stock
बालों का ज्यादा झड़ना और चेहरे पर सूजन
 
  • बाल झड़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अचानक या असामान्य रूप से ज्यादा बाल गिरना कई बार तनाव, पोषण की कमी, थायरॉयड की समस्या और कुछ ऑटोइम्यून स्थितियों का संकेत भी हो सकता है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी बाल झड़ने को प्रभावित कर सकते हैं।
 
  • इसी तरह आंखों और चेहरे के आसपास हल्की सूजन वैसे तो नींद या एलर्जी जैसे सामान्य कारणों से हो सकती है। लेकिन लगातार या बढ़ती हुई सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किडनी से जुड़ी कुछ समस्याओं में शरीर में प्रोटीन कम होने या तरल जमा होने के कारण आंखों के आसपास सूजन दिखाई दे सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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