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Eye Health: मोबाइल-लैपटॉप इस्तेमाल करते समय लगाते हैं ब्लू-फिल्टर चश्मे? क्या वास्तव में ये फायदेमंद हैं

Sat, 19 Aug 2023 02:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लू फिल्टर चश्मों से होने वाले लाभ - फोटो : Pixabay
मोबाइल और लैपटॉप के अधिक इस्तेमाल को आंखों के लिए हानिकारक दुष्प्रभावों वाला माना जाता है, असल में इससे निकलने वाली नीली रोशनी न सिर्फ आंखों के लिए समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है साथ ही इसे नींद की गुणवत्ता और शरीर को कई अन्य प्रकार से भी प्रभावित करने वाला पाया गया है। इस तरह के दुष्प्रभावों से बचने के लिए अक्सर आपने लोगों को ब्लू फिल्टर चश्मे लगाते हुए देखा होगा।

माना जाता रहा है कि ये चश्मे स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी को फिल्टर करते हैं और दुष्प्रभावों को कम करने में मददगार हो सकते हैं। पर क्या वास्तव में इससे लाभ मिलता है?

यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने इस दावे को खारिज किया है। वैज्ञानिकों ने कहा, स्क्रीन पर काम करते हुए भले ही आप ब्लू फिल्टर वाले चश्मे लगाते हैं, पर असल में ये आंखों को होने वाले नुकसान को कम करने में बहुत असरदार नहीं हैं। 
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नीली रोशनी से आंखों को होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
ब्लू लाइट से होते हैं कई नुकसान

शोधकर्ताओं ने बताया नीली रोशनी से होने वाली क्षति या फिर नींद की समस्या को कम करने में इन चश्मों को लाभकारी नहीं पाया गया है। ब्लू लाइट के अत्यधिक संपर्क में रहने वाले लोगों में आई स्ट्रेन, ड्राई आइज जैसी आंखों की समस्या देखी जाती रही हैं। माना जाता रहा है कि ब्लू-फिल्टर चश्मे इन जोखिमों को कम कर सकते हैं, पर अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इसे बहुत लाभकारी नहीं पाया गया है। 
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मोबाइल की रोशनी आंखों के लिए हानिकारक - फोटो : i stock
अध्ययन में क्या पता चला?

कोक्रेन डेटाबेस ऑफ सिस्टमैटिक रिव्यूज में प्रकाशित अध्ययन में छह देशों में 17 क्लीनिकल ट्रायल से एकत्र किए गए 619 लोगों के डेटा का परीक्षण किया गया। मेलबर्न यूनिवर्सिटी में ऑप्टोमेट्री और दृष्टि विज्ञान के वैज्ञानिक और वरिष्ठ लेखक लॉरा डाउनी कहती हैं, नीली रोशनी को फिल्टर करने वाले ये चश्मे कंप्यूटर फटीग यानी कि नीली रोशनी से आंखों को होने वाले नुकसान से बचाने में लाभकारी नहीं पाए गए हैं। 

शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान मोबाइल और लैपटॉप के अधिक इस्तेमाल के कारण लोगों में ब्लू लाइट से संबंधित कई समस्याएं अधिक देखी जाती रही हैं।

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ब्लू फिल्टर चश्मे कितने लाभकारी - फोटो : iStock
ब्लू फिल्टर चश्में बहुत लाभकारी नहीं

वैज्ञानिकों ने कहा, यह भी स्पष्ट नहीं है कि ये लेंस ब्लू लाइट से होने वाली दृष्टि गुणवत्ता में दिक्कत या नींद से संबंधित समस्याओं को प्रभावित करते हैं या नहीं? लंबी अवधि में इन चश्मों का रेटिना स्वास्थ्य पर किसी भी संभावित प्रभाव के बारे में भी नहीं पता चला है। 

शोधकर्ताओं ने बताया कि कंप्यूटर स्क्रीन और अन्य कृत्रिम स्रोतों से निकलने वाली नीली रोशनी की मात्रा दिन के उजाले से होने वाली नीली रोशनी का केवल एक हजारवां हिस्सा है। ऐसे में इस तरह के चश्मों की कोई आवश्यकता भी नहीं है। इसके अलावा, नीली रोशनी वाले लेंस आमतौर पर केवल 10% -25% नीली रोशनी को ही फिल्टर करते हैं।
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आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : Pixabay
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए करें प्रयास

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आप दिन में कंप्यूटर या किसी अन्य स्क्रीन्स का अधिक इस्तेमाल करते हैं तो इससे होने वाले दुष्प्रभावों से आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ व्यायाम किए जा सकते है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए 20-20-20 उपाय का पालन किया जा सकता है। इसमें हर 20 मिनट में 20 फीट दूरी पर रखी चीज को कम से कम 20 सेकेंड तक देखने की सलाह दी जाती है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए और भी प्रयास किए जाते रहने चाहिए।  


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स्रोत और संदर्भ
Blue‐light filtering spectacle lenses for visual performance, sleep, and macular health in adults

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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