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Best Fruits in Rainy Season: बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल, पाचन और इम्यूनिटी दोनों होंगे बेहतर

Wed, 24 Jun 2026 09:56 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Best Fruits in Rainy Season: मानसून का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि इन दिनों कौन से फल खाने चाहिए। 
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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : AI
Best Fruits in Rainy Season: मानसून का मौसम शुरू होते ही मौसम में ठंडक और राहत तो मिलती है, लेकिन इसके साथ कई तरह के वायरल संक्रमण, पेट संबंधी समस्याएं और कमजोर इम्यूनिटी का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में खानपान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाएं। विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर फल शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। 

हालांकि, मानसून में कटे हुए या लंबे समय तक खुले में रखे फलों से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनप सकते हैं। आइए जानते हैं कि बारिश के मौसम में कौन-कौन से फल खाने चाहिए और इनके क्या स्वास्थ्य लाभ हैं।
 
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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : Freepik

जामुन
 
  • मानसून के मौसम में जामुन सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फलों में से एक है। 
  • यह एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, कैल्शियम और विटामिन C से भरपूर होता है। 
  • जामुन का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है, इसलिए इसे डायबिटीज मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। 
  • इसके अलावा यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच और कब्ज से राहत दिलाने में सहायक होता है। 
  • बारिश के मौसम में संक्रमण से बचाव के लिए भी जामुन एक अच्छा विकल्प है।

 
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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : Adobe Stock
नाशपाती 
 
  • नाशपाती फाइबर, विटामिन C और पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है।
  •  मानसून में इसका सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
  •  इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होता है। 
  • नाशपाती शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी लाभदायक मानी जाती है। 
  • कम कैलोरी होने के कारण यह वजन नियंत्रित रखने में भी मदद करती है।

 

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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
सेब 
 
  • सेब को स्वास्थ्य के लिए सबसे लाभकारी फलों में गिना जाता है। 
  • इसमें विटामिन C, फाइबर और कई आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं।
  •  मानसून के दौरान नियमित रूप से सेब खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। 
  • इसके अलावा यह शरीर में ऊर्जा बनाए रखने और हृदय को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।
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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : freepik.com

अनार 
 
  • अनार पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। 
  • इसमें आयरन, विटामिन C, विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। 
  • मानसून के मौसम में अनार का सेवन शरीर में खून की कमी को दूर करने और ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
  •  इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
  •  यह दिल की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।

 
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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : इंस्टाग्राम
 पपीता
 
  • पपीता मानसून में पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने वाला बेहतरीन फल है। 
  • इसमें मौजूद पपेन एंजाइम भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। 
  • विटामिन A, C और फाइबर से भरपूर पपीता पेट को स्वस्थ रखने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। 
  • नियमित रूप से पपीता खाने से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

 
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बारिश में इन फलों को डाइट में करें शामिल - फोटो : संवाद
लीची
 
  • लीची मानसून के दौरान शरीर को ताजगी और हाइड्रेशन प्रदान करने वाला फल है।
  • इसमें विटामिन C, पोटैशियम और कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं।
  • लीची का सेवन इम्यूनिटी को मजबूत बनाने और शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है।
  • इसके अलावा यह शरीर में पानी की कमी को दूर करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होती है।
  • हालांकि लीची का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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