हेलमेट पहनने से जहां आपके सिर की सुरक्षा होती है, वहीं हेलमेट पहनना आंखों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। नियम कितने भी सख्त हों, लेकिन ज्यादातर लोग हेलमेट पहनने को शान के खिलाफ समझते हैं। हेलमेट पहनना जहां सुरक्षा की दृष्टि से सही होता है, वहीं हेलमेट पहनने के और भी फायदे हैं।
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सिर ही नहीं रीढ़ की हडडी की भी सुरक्षा
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन के एक शोध में कहा गया है कि हेलमेट पहनने से दुर्घटना के समय आपका सिर ही नहीं रीढ़ की हड्डी की भी सुरक्षा होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हेलमेट पहनने से सर्वाइकल स्पाइन इंजरी होने का खतरा कम हो जाता है। अगर हेलमेट पहन रखा है और दुर्घटना घट गई, तो रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने की संभावना कम हो जाती है।
अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के अनुमान के मुताबिक, हेलमेट पहनने से मस्तिष्क को गंभीर चोट से बचाया जा सकता है। शोध के सहलेखक पॉल एस. पेज का कहना है कि हेलमेट पहनने से सीएसआई के खतरे को कम किया जा सकता है। हालांकि पूर्व के अध्ययनों में यह बात साबित नहीं हो सकी थी। मगर इस शोध में विशेषज्ञों ने एक हजार से अधिक मरीजों के आंकड़ों के अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहिया चलाते समय यदि आपने हेलमेट पहना हुआ है, तो यह आपकी आंखों के लिए भी ठीक है। यह तेज हवा, धूल-मिट्टी, कीटाणु प्रदूषण आदि से आंखों की रक्षा करता है। इससे आंखों में होने वाले संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वाहन चलाते वक्त हेलमेट का शीशा बंद रखने से आंखों की सुरक्षा होती है। इससे कोई वस्तु आंखों से नहीं टकराती। इसमें लगा शीशा बंद करके रखने से तेज हवा, धूल मिट्टी या कोई वस्तु आंखों से नहीं टकराती और हमारी आंखों की सुरक्षा होती है।
हेलमेट पहनना कानों की सेहत का भी ख्याल रखता है। इससे हमारे कानों में पड़ने वाला तेज शोर धीमा होकर पहुंचता है, जिससे कानों की मांसपेशियों पर बुरा असर नहीं पड़ता। अगर हेलमेट नहीं पहना हुआ है, तो तेज शोर, धूल मिट्टी आदि से कान की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं या व्यक्ति बहरेपन का शिकार भी हो सकता है। हेलमेट पहनना ध्यान केद्रिंत करने का भी काम करता है। चेहरे पर लगा हेलमेट सीधे वाहन चलाने पर ध्यान लगाने में सहायक होता है। अगर हमने हेलमेट पहना हुआ है, तो हम अपने आसपास की चीजों पर ध्यान नहीं देंगे। इससे ध्यान भटकने से दुर्घटना होने का खतरा काफी कम हो जाएगा। गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय यदि हेलमेट पहना हुआ है, तो सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की रक्षा होती है। इससे चेहरे पर दाग-धब्बे, झुर्रियां आदि का खतरा काफी कम हो जाता है।
क्वालिटी से न करें समझौता
देखा जाता है कि ज्यादातर लोग सुरक्षा की दृष्टि से कम, चालान से बचाने के लिए सस्ता हेलमेट पहनकर निकलते हैं, जो गलत है। सस्ते हेलमेट घटिया प्लास्टिक के बने होते हैं, जो जरा से दबाव से ही टूट जाते हैं। अगर दुर्घटना हो जाए, तो यह आपके सिर की सुरक्षा नहीं कर पाते और आपको लंबा समय बिस्तर पर बिताना पड़ता है। महंगे और आईएसआई मार्का हेलमेट मजबूत फाइबर से बने होते हैं, जो तेज दबाव में नहीं टूटते। यह दुर्घटना के समय सिर की पूर्ण सुरक्षा करते हैं, जिससे जीवन बच जाता है।
कुछ सावधानी है जरूरी
हेलमेट पहनते समय कुछ सावधानियां जरूरी है। अगर इसका आकार सिर से बड़ा है, तो इसे बदल दें। हेलमेट अगर ढीला होगा, तो दुर्घटना के समय यह सिर से निकल सकता है और सिर में गंभीर चोट आ सकती है। इसे पहनने के बाद इसकी पट्टी जरूर लगा लें। हेलमेट पहनते समय सिर पर कपड़ा जरूर बांधे, इससे बैलेंस बना रहता है। हेलमेट को समय-समय पर धोते जरूर रहें। इसमें लगे हानिकारक बैक्टीरिया, सिर, आंख, त्वचा में संक्रमण कर सकते हैं। कोशिश करें कि किसी दूसरे का हेलमेट न इस्तेमाल करें। अपने पर्सनल उपयोग के लिए अलग हेलमेट रखें।