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Bad Habits Risk: आज की आरामदायक जिंदगी कल न बन जाए बीमारी की वजह, तुरंत बदल लें ये आदतें

Sat, 15 Aug 2026 08:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न होने से हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आपकी आज की आदतें कहीं कल के लिए मुश्किलें न खड़ी कर दें?
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तनाव की समस्या - फोटो : Adobe stock
क्या आपको भी लगता है कि आजकल की जिंदगी पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आरामदायक हो गई है? सीढ़ियों की जगह लिफ्ट ने ले ली ही, बाजार जाने की जगह सामान घर पर ही डिलीवर हो जाता है, साइकिल की जगह लोग लग्जरी कार में सफर करना ज्यादा पसंद करते हैं? निश्चित ही इन सब चीजों नें हमारी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है, पर क्या आप जानते हैं कि शरीर के लिए यही सुविधाएं धीरे-धीरे मुसीबत बनती जा रहीं है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट कहती हैं, शारीरिक गतिविधि न होने से हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि सभी लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए। अगर आप जिम नहीं जा पाते तो वॉकिंग-रनिंग और तैराकी जैसे अभ्यास भी शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकते हैं।

पर क्या आप रोजाना इतनी मेहनत भी कर पा रहे हैं?
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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल की गड़बड़ी पर सकती है भारी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक गतिविधियों के कम होने का एक बड़ा कारण लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ना भी है। सुबह उठते ही मोबाइल, दिनभर लैपटॉप के सामने कुर्सी पर बैठे रहना अपने आप शारीरिक गतिविधियों को कम कर देता है। इसके अलावा खाने में जल्दबाजी, देर रात तक जागना और तनाव की आदतें छोटी लग सकती हैं, लेकिन लंबे समय में इनका असर वजन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

आइए जानते हैं कि आज की किन आदतों का कल की सेहत पर गहरा असर हो सकता है?
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लंबे समय तक बैठे रहने से बचें - फोटो : Freepik.com
घंटों बैठे रहने की आदत छोड़ें
 
  • लंबे समय तक बैठे रहना मौजूदा समय की बड़ी समस्या है। लंबे समय तक बैठे या निष्क्रिय रहने का सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर हो सकता है। लगातार बैठने के बजाय काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें। हर आधे घंटे बाद उठकर चलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। 

छोटी दूरी के लिए पैदल जाएं
 
  • छोटी दूरी के लिए वाहन का इस्तेमाल कम करके पैदल चलना रोज की गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका है। नियमित पैदल चलना कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस और शरीर की सक्रियता के लिए उपयोगी है। वॉक करने से खून का संचार ठीक रहता है और कई बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।
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नींद की गुणवत्ता कैसे सुधारें? - फोटो : Freepik.com
स्क्रीन टाइम कम करें और नींद पर दें ध्यान
 
  • रात में लगातार मोबाइल, लैपटॉप या टीवी देखते रहना नींद की गुणवत्ता और सोने के समय को प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ वयस्कों के लिए कम से कम 6-8 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं। सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना, कमरे को शांत और आरामदायक रखना तथा रोज लगभग एक ही समय पर सोने-जागने की कोशिश करना बेहतर नींद लेने में मदद कर सकता है।

पानी पीते रहना जरूरी 
 
  • शरीर के लिए पानी पीते रहना बहुत जरूरी है, प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय दिनभर नियमित रूप से पानी पीने की आदत बनाएं । गर्म मौसम या ज्यादा व्यायाम के समय तरल पदार्थ की जरूरत बढ़ सकती है। हालांकि अत्यधिक पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है। रोज कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पिएं।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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