फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: क्या रोज मालिश करने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती हैं? डॉक्टर से जानिए इसकी सच्चाई

Fri, 27 Feb 2026 07:58 PM IST
Shikhar Baranawal हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Baby Massage Benefits Myths: छोटे बच्चों को मालिश करने की परंपरा हमारे समाज में काफी पुरानी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत से लोग ये मानते हैं कि मालिश करने से बच्चे का वजन तेजी से बढ़ता है, जो की एक गलत धारणा है। आइए इस लेख में इसी के बारे में डॉक्टर से जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock
Does Massage Make Baby Bones Strong : हमारे देश में हमेशा से ये माना जाता रहा है कि नवजात शिशु की मालिश करने से वो सेहतमंद और मजबूत होता है। बहुत से लोग तो ये भी मानते हैं कि मालिश करने से बच्चे का ग्रोथ तेजी से होता है, मगर विशेषज्ञों के मुताबिक यह एक गलत धारणा है। इसी विषय पर फेमस पीडियाट्रिशियन डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके बताया है कि हमारे समाज में बच्चे के मालिश को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं, उन्होंने इसकी सच्चाई भी बताई है, जिसके बारे में आपको बी जानना चाहिए।


डॉक्टर माधवी अनुसार मालिश का मुख्य उद्देश्य बच्चे के साथ बॉन्डिंग बनाना, आई-कॉन्टैक्ट स्थापित करना और उसकी त्वचा को मॉइस्चराइज करना है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग तो इतनी तेजी से मसाज करते हैं कि बच्चे की हड्डियों से टक-टक की आवाजें भी आने लगती हैं, जो बच्चे के लिए हानिकारक हो सकती है।

डॉक्टर स्पष्ट करती हैं कि मालिश का बच्चे की हड्डियों की डेंसिटी या मस्कुलर बनावट में बदलाव लाने से कोई संबंध नहीं है। अगर आप यह सोचते हैं कि मालिश न करने से आपका बच्चा कमजोर या दुबला रह गया है, तो आपको ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock
क्या मालिश करने से सिर का शेप बदलता है?
  • डॉक्टर माधवी के अनुसार, बच्चे के सिर की शेप मालिश करने या विशेष तकिया लगाने से ठीक नहीं होती है।
  • सिर का आकार सही करने के लिए बच्चे का पोस्चर बार-बार बदलना सबसे प्रभावी तरीका है।
  • मालिश के दौरान सिर पर दबाव डालना बच्चे की कोमल खोपड़ी के लिए असुरक्षित हो सकता है।

ये भी पढ़ें- Cervical Cancer: भारत की इस पहल से सालाना 50 हजार महिलाओं की बच सकती है जान, WHO की वैज्ञानिक ने की तारीफ
 
विज्ञापन

3 of 5
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock
क्या मालिश करने से बच्चा जल्दी क्रॉल करने लगता है?
  • डॉक्टर माधवी भारद्वाज के मुताबिक मालिश करने से बच्चे के डेवलपमेंटल माइलस्टोन्स (बैठना, रेंगना या चलना) से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।
  • माइलस्टोन्स पूरी तरह से जेनेटिक्स और बच्चे को मिलने वाली गतिविधियों के अवसरों पर निर्भर करते हैं।
  • अगर बच्चा तीन महीने तक सिर्फ बेड पर रहता है, तो वह अवसरों की कमी के कारण क्रॉल नहीं कर पाता, न कि मालिश की कमी से।

ये भी पढ़ें- Heart Attack: 5 महीने में मासूम भाई-बहन दोनों की हार्ट अटैक से हो गई मौत, बच्चों में क्यों बढ़ रही ये जानलेवा समस्या?

4 of 5
बच्चों का मालिश करना - फोटो : Adobe Stock
क्या मालिश से बच्चे का वजन बढ़ता है या पैर सीधे होते हैं?
  • डॉक्टर माधवी के मुताबिक बच्चे का दुबला या मोटा होना उसके जेनेटिक्स पर निर्भर करता है, उन्होंने बताया कि मालिश से वजन नहीं बढ़ाया जा सकता।
  • डॉक्टर माधवी ने बताया कि जन्म के समय बच्चों के पैर 'बो लेग्स' (गोलाई में) होते हैं क्योंकि वे मां के पेट में बॉल की तरह रहते हैं।
  • एक बार बच्चा चलना शुरू कर देता है, तो 3-6 महीने में टांगे अपने आप सीधी हो जाती हैं, इसमें मालिश की कोई भूमिका नहीं होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
छोटे बच्चे को मालिश - फोटो : Adobe Stock
क्या फिर मालिश करने का कोई फायदा नहीं होता?
  • अब ऐसे में बहुत से लोगों को दिमाग से सवाल आ रहा है कि फिर क्या बच्चों का मालिश नहीं करना चाहिए। 
  • देखिए ये समझना जरूरी है कि मालिश यह सोचकर न करें कि इससे बच्चा मोटा हो जाएगा, उसके मुड़े हुए पैर सीधे हो जाएंगे या वह रातों-रात चलना सीख जाएगा। ये चीजें प्राकृतिक विकास और जेनेटिक्स का हिस्सा हैं।
  • मालिश करने का सबसे बड़ा फायदा बच्चे के साथ बॉन्डिंग और इंटरेक्शन बढ़ाना है, जिससे वह बोलना और बातचीत करना सीखता है।
  • यह बच्चे को रिलैक्स महसूस कराता है और उसकी त्वचा को नरम व मॉइस्चराइज रखता है।
  • इसके अलावा इससे बच्चे का मूवमेंट करने में मदद मिलती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें