फेफड़े या सांस से संबंधित कोई भी समस्या आपको काफी असहज कर सकती है। अस्थमा जैसे रोगों में तो विशेष बचाव के उपाय करते रहना जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सांस से संबंधित समस्याओं को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए, इससे शरीर को कई तरह से नुकसान हो सकते हैं। विशेषकर अस्थमा की स्थिति में वायुमार्ग संकीर्ण और सूज जाते हैं, इसके अलावा अतिरिक्त बलगम का उत्पादन होने लगता है। यह स्थितियां सामान्यरूप से सांस लेने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। कुछ लोगों के लिए अस्थमा की समस्या गंभीर भी हो सकती है, जिसके चलते उनके लिए सामान्य जीवन के कामकाज तक करना भी कभी-कभी कठिन हो जाता है। विश्व स्तर पर अस्थमा से बचाव और रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 3 मई को वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जाता है।
विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को अस्थमा की दिक्कत होती है, उन्हें इसे ट्रिगर करने वाली चीजों से विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। त्वरित उपचार और प्रबंधन के लिए साथ में हमेशा इनहेलर रखना चाहिए, जिससे किसी भी समस्या से बचाव किया जा सके। इसके अलावा दैनिक जीवन में अस्थमा से बचाव को लेकर उपायों को प्रयोग में लाते रहना भी आवश्यक होता है।
आइए जानते हैं अस्थमा से बचाव या इसकी जटिलताओं को कम करने के लिए किन बातों का हमेशा ध्यान रखना आवश्यक होता है?