हेल्थकेयर में एआई का इस्तेमाल
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कोलंबिया की यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी के बायोइन्फॉर्मेटिक्स एक्सपर्ट प्रोफेसर डोंग जू बताते हैं, 'एआई मरीज के क्लिनिकल या हेल्थ से जुड़े डेटा के साथ जीभ की इमेज से भी बीमारियों का पता लगाने में मददगार हो सकता है। यह ऐसे विजुअल्स का पता लगाता है जो स्वस्थ लोगों की तुलना में, किसी खास बीमारियों वाले लोगों में ज्यादा बार दिखाई देती हैं।
जीभ के रंग, सतह की बनावट, नमी, मोटाई, परत, दरारें और सूजन आदि की मदद से एआई बड़ी आसान बीमारियों का पता लगाने में मदद कर सकता है।