रोज इस्तेमाल होने वाली चीजों में कैंसर बढ़ाने वाले रसायन
- फोटो : Adobe stock
अध्ययन में क्या पता चला?
बीएमजे ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने साल 2001 से 2019 के बीच 20 से ज्यादा प्रकार के कैंसर के मामलों और इसे बढ़ाने वाले कारणों की की जांच की।
- इसमें पाया गया कि 20 से 49 साल की उम्र के वयस्कों में अब 11 तरह के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
- अकेले 2023 में ही इंग्लैंड में लगभग 31,000 वयस्कों में कैंसर का पता चला, जिनमें से लगभग दो-तिहाई मामले महिलाओं में थे।
- धूम्रपान, शराब और शारीरिक गतिविधियों में कमी से कैंसर का खतरा बढ़ने का जोखिम बढ़ता है। शोधकर्ताओं ने कई और जोखिम कारक भी हैं जिनपर हमारा कम ध्यान जाता है।
पीएफएएस से बढ़ता जानलेवा खतरा
विशेषज्ञों ने कहा, पीएफएएस जिसे हमेशा बने रहने वाले रसायन के रूप में जाना जाता है, ये कैंसर का खतरा बढ़ाता जा रहा है। इसका उपयोग नॉन-स्टिक पैन से लेकर वाटरप्रूफ कपड़ों और खाद्य पैकेजिंग तक हर चीज में किया जाता है। बच्चों के स्कूली कपड़ों में भी इसकी पहचान की गई है। इसके अलावा नॉन स्टिक पैन, प्लास्टिक की बोतलें और जिन चीजों में हम खाना पैक कराके लाते हैं उनसे भी खतरा हो सकता है।
- एंटीबायोटिक दवाओं की हाई डोज और इनका बहुत ज्यादा इस्तेमाल भी खतरनाक है।
- वैज्ञानिकों का मानना है कि यूपीएफएस, पीएफएएस और एंटीबायोटिक्स ये सभी आंतों के माइक्रोबायोम को प्रभावित करते। इस संतुलन में गड़बड़ी शरीर में कैंसर से जुड़े बदलावों को जन्म दे सकती है।
--------------
स्रोत:
Global trends in incidence, death, burden and risk factors of early-onset cancer from 1990 to 2019
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।