हड्डियां और जोड़ हमारे शरीर का वह हिस्सा हैं, जिनकी मदद से हम रोजमर्रा के लगभग हर काम को आसानी से कर पाते हैं। चलने से लेकर सीढ़ियां चढ़ने, उठने-बैठने इन सभी कामों में हमारे जोड़ और हड्डियां लगातार काम करते हैं। लेकिन जब इन्हीं जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न शुरू हो जाए तो छोटी-छोटी चीजें भी मुश्किल लगने लगती हैं। आर्थराइटिस यानी गठिया ऐसी ही समस्या है, जो जोड़ों को प्रभावित करती है।
आर्थराइटिस को अक्सर उम्र बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह केवल बुजुर्गों की बीमारी है। बच्चों और युवाओं से लेकर महिलाओं और पुरुषों तक, अलग-अलग उम्र के लोगों में इसके कई प्रकार देखने को मिलते हैं। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा जरूर बढ़ जाता है। खासकर महिलाओं में 50 की उम्र के बाद जोड़ों और हड्डियों की सेहत को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
इसका एक बड़ा कारण मेनोपॉज के आसपास होने वाले हार्मोनल बदलाव भी हो सकते हैं। इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिसका असर हड्डियों की सेहत पर पड़ सकता है।