भूप्रेंद कुमार ने बताया, “हमें बाजार से फीडबैक मिला है कि लोग अब छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दवाएं कम खरीद रहे हैं। ऑगमेंटीन, सेफोरॉक्सिम और सेफिक्जिम जैसे एंटीबायोटिक दवाओं कि बिक्री कम हुई है। इसके अलावा माइग्रेन, डायबिटीज और दौरे जैसी बीमारियों के लिए ली जाने वाली दवाएं भी कम बिक रही हैं। पेन किलर की खरीद भी कम हुई है।”