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Appendicitis : अपेंडिसाइटिस क्यों होता है, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

Fri, 14 Feb 2025 04:56 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

आपमें में से अधिकतर महिलाएं पेट दर्द को छोटी परेशानी जानकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि कई बार यह बड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है।
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अपेंडिसाइटिस क्या है - फोटो : istock
मेखला गुप्ता

वर्तमान जीवन-शैली में सिर दर्द से लेकर पेट में दर्द होना आम समस्या है। इस दर्द की कई वजह हो सकती हैं, जिसमें ज्यादा तनाव लेना और अत्यधिक तला-भुना खाना शामिल है। मगर जब पेट में होने वाला यह दर्द नाभि के पास से शुरू होकर धीरे-धीरे पेट के दाहिनी ओर नीचे की तरफ बढ़ता है तो यह अपेंडिसाइटिस का संकेत हो सकता है। अपेंडिक्स शरीर का एक छोटा अंग है, जो छोटी और बड़ी आंत के जोड़ पर स्थित होता है। वैसे तो यह शरीर के लिए कोई महत्व नहीं रखता, पर अगर इसमें कोई परेशानी आ जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है।

क्या है अपेंडिसाइटिस

अपेंडिसाइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें अपेंडिक्स में सूजन या संक्रमण हो जाता है। इस समस्या में अगर समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अपेंडिसाइटिस की गंभीर स्थिति में अपेंडिक्स फट जाता है और संक्रमण पूरे पेट में फैल सकता है। यह स्थिति जानलेवा भी होती है। चिकित्सकों के अनुसार, यह बीमारी ज्यादातर 10 से 30 वर्ष की आयु के लोगों में देखी जाती है। मगर कुछ वर्षों से अपेंडिसाइटिस के मामले अधिक उम्र के लोगों में भी पाए जाने लगे हैं।
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अपेंडिसाइटिस के लक्षण - फोटो : Freepik.com
शुरुआती लक्षण

इसके लक्षणों में पेट के निचले दाहिने हिस्से में तेज दर्द होना शामिल है। शुरुआत में इसका दर्द नाभि के पास महसूस होता है और फिर धीरे-धीरे दाहिने से निचले पेट की ओर बढ़ जाता है। इसके अलावा भूख में कमी, उल्टी, बुखार, गैस, दस्त और कब्ज जैसी समस्या होती है। इस दौरान मरीज को पेट पर दबाव डालते ही तेज दर्द महसूस होता है और हल्की सूजन रहती है।
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अपेंडिसाइटिस का कारण - फोटो : iStock
वजह भी जान लें

अपेंडिसाइटिस तब होता है, जब अपेंडिक्स (आंत के अंतिम हिस्से) में सूजन या संक्रमण हो जाता है। इसके मुख्य कारणों में अपेंडिक्स का ब्लॉक होना शामिल है, जैसे कि फेकल पदार्थ, कीटाणु या अन्य पदार्थ, जो अपेंडिक्स के मुंह को बंद कर देते हैं। इससे बैक्टीरिया की वृद्धि होती है, जिससे सूजन और संक्रमण उत्पन्न होता है। कभी-कभी आंत में सूजन, संक्रमण या कैंसर भी अपेंडिक्स को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा खाने में रेशेदार पदार्थों की कमी और आनुवंशिक प्रवृत्ति भी शामिल है।

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nuts, dry fruits - फोटो : istock
बचाव के उपाय

हालांकि अपेंडिसाइटिस को पूरी तरह से रोक पाना मुश्किल है, लेकिन कुछ उपाय इसे होने की आशंका को कम कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहला कदम है स्वस्थ आहार को अपनाना, जिसमें फाइबर की मात्रा अधिक हो, जैसे- फल, सब्जियां, साबुत अनाज आदि। इससे आंतों की सेहत बेहतर रहती है और अपेंडिक्स में ब्लॉकेज का खतरा कम होता है। नियमित व्यायाम भी आंतों की गतिशीलता को बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें। इसके अलावा किसी भी पेट की समस्या या संक्रमण को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से परामर्श करें।
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अच्छी रखें अपनी डाइट - फोटो : Freepik.com
अच्छी रखें अपनी डाइट

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल बंसल कहते हैं, अपेंडिक्स का काम शाकाहारी आहार को पचाना होता है, मगर समय के साथ और बदलते खानपान की वजह से अब मानव शरीर में इस ट्यूब का कोई काम नहीं रह गया है। कभी-कभी आंतों में हुए इन्फेक्शन की वजह से इसमें समस्या आ जाती है, जिसे अपेंडिसाइटिस कहते हैं। अपेंडिसाइटिस को सामान्य तौर पर एंटीबायोटिक देकर रोका जा सकता है, मगर अगर यह फट जाए तो जानलेवा हो सकता है। अपेंडिसाइटिस का एक ही इलाज है- ऑपरेशन। इसे सामान्य से ऑपरेशन द्वारा निकाल दिया जाता है। इसे निकाले जाने से शरीर पर कोई खास असर नहीं पड़ता। इसलिए इससे डरने वाली कोई बात नहीं है, बस अपनी डाइट अच्छी रखें।

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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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