बच्चों में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का जोखिम
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क्यों बढ़ता जा रहा है खतरा?
अध्ययन में रॉयल चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न और ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो गंभीर संक्रमणों के उपचार के लिए उपलब्ध प्रभावी दवाएं लगातार कम होती जाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में बढ़ते एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का सबसे बड़ा कारण एंटीबायोटिक का अनावश्यक और गलत इस्तेमाल है।
- कई बार वायरल संक्रमण जैसे सर्दी, जुकाम या फ्लूमें भी एंटीबायोटिक शुरू कर दी जाती है, जबकि इन बीमारियों पर इनका कोई असर नहीं होता।
- दूसरा कारण है दवा का कोर्स बीच में छोड़ देना। बच्चा थोड़ा ठीक महसूस करते ही कई अभिभावक दवा बंद कर देते हैं। इससे कुछ बैक्टीरिया जीवित बच जाते हैं और उनमें प्रतिरोध विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।
- खुद से दवा खरीदना, बची हुई पुरानी एंटीबायोटिक दोबारा देना, गलत खुराक लेना भी इस समस्या को बढ़ाती है।
- शोध बताते हैं कि बच्चों में कान, गले और श्वसन संक्रमण के लिए कई बार आवश्यकता से अधिक एंटीबायोटिक लिखी जाती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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