क्या आप नई मां बनी हैं और बच्चे को स्तनपान कराती हैं तो आपको काफी चीजों का ध्यान देना पड़ता होगा। जिसमें आप क्या खाती हैं और क्या नहीं ये सबसे पहले शामिल होता है। बच्चे के जन्म के बाद स्तनपान को लेकर मां को कई तरह की सलाह दी जाती है। ज्यादातर लोग कहते हैं कि ऐसे समय में मां को मसालेदार और तेज फ्लेवर के भोजन से पूरी तरह से परहेज करना चाहिए, नहीं तो स्तनपान की वजह से बच्चे को सूजन, चिड़चिड़ाहट और गैस जैसी समस्या होती है, लेकिन मेडिकल रिसर्च कुछ और ही कह रहे हैं।
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कई मेडिकल रिसर्च इस बात की पुष्टि करते हैं कि शिशु, मां की डाइट में शामिल स्वाद के प्रति संवेदनशील नहीं होते हैं। मां द्वारा खाए गए अलग-अलग तरह के स्वाद का खाना शिशु के तालु को अधिक अनुकूल बनाता है। नवजात शिशुओं को पेट की विभिन्न दिक्कत होने के पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं, यह जरूरी नहीं है कि मां के मसालेदार या चटपटा भोजन खाने की वजह से ही शिशु को पेट संबंधी परेशानी होती है।
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अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपने सामान्य भारतीय खाना खाया है, तो गर्भ में एम्निओटिक फ्लूड के माध्यम से आपका बच्चा मिर्ची, गरम मसाला के स्वाद समझ जाता है। यह कोई बुरी बात नहीं है। ये शिशु के टेस्ट बड को प्रभावित करता है। शिशु को स्तनपान कराने वाली मां जितने अलग-अलग फ्लेवर का खाना खाती हैं, वो सभी फ्लेवर स्तन ग्रंथियों से स्तनपान के जरिए शिशु तक पहुंचते हैं इसलिये, मां की डाइट को सीमित करने के बजाए ज्यादा से ज्यादा फ्लेवर को शामिल करना चाहिए, ताकि शिशु को अलग-अलग तरह के स्वाद की पहचान हो सके।
हाई मरकरी युक्त मछली
स्वॉर्ड मछली, टाइल मछली जैसे समुद्री मछली खाने से बचें क्योंकि इसमें मरकरी (पारा) की मात्रा अधिक होती है। इसके जगह आप सामन, कैटफिश और टूना मछली खा सकती हैं लेकिन हफ्ते में सिर्फ दो बार खाएं। शराब
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे शिशु के विकास और नींद पर असर पड़ता है। इसके बजाय आप फ्लेवर चाय पिएं। कैफीन
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एक दिन में एक कप से ज्यादा कैफीन युक्त ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए। इससे शिशु की नींद प्रभावित होती है। इसकी बजाय हर्बल चाय पिएं।