फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: अल्जाइमर और डिमेंशिया में क्या है अंतर? जानें दोनों बीमारियों के शुरुआती संकेत

Mon, 18 Aug 2025 01:45 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोग अल्जाइमर और डिमेंशिया को एक बीमारी ही समझ लेते हैं, लेकिन आपको बता दें कि इन दोनों बीमारियों के बीच बारीक अंतर होता है, जिसके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। इन दोनों के बीच का अंतर समझना इसलिए महत्वपूर्ण है ताकी इसका सही उपचार हो सके।
विज्ञापन
1 of 5
डिमेंशिया और अल्जाइमर में क्या अंतर है? - फोटो : Freepik.com
Difference Between Dementia and Alzheimer: अल्जाइमर और डिमेंशिया दोनों ही दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत से लोग इन दोनों बीमारियों के एक समझ लेते हैं, जो की गलत धारणा है। दोनों के बीच एक बारीक और महत्वपूर्ण अंतर होता है जिसे समझना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में सबसे पहले इन दोनों बीमारियों के बीच के अंतर को समझते हैं।

सरल शब्दों में डिमेंशिया बीमारियों के एक समूह का नाम है जो संज्ञानात्मक क्षमताओं में गिरावट से संबंधित है, जैसे कि याददाश्त में कमी, सोचने-समझने में परेशानी, और दैनिक जीवन के कार्यों को करने में कठिनाई होना है। यह एक व्यापक शब्द है, एक तरह का 'अंब्रेला' है जिसके नीचे कई बीमारियां आती हैं।

दूसरी ओर अल्जाइमर डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है। डिमेंशिया के लगभग 60-70% मामलों का कारण अल्जाइमर ही होता है। इसका मतलब है कि सभी अल्जाइमर रोगियों को डिमेंशिया है, लेकिन सभी डिमेंशिया रोगियों को जरूरी नहीं की अल्जाइमर हो। इन दोनों के बीच का अंतर समझना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनके उपचार और प्रबंधन के तरीके अलग हो सकते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
अल्जाइमर के शुरुआती संकेत - फोटो : Freepik.com
अल्जाइमर के शुरुआती संकेत
अल्जाइमर में याददाश्त की कमी सबसे पहला और प्रमुख लक्षण होता है। व्यक्ति को नई जानकारी याद रखने में परेशानी होती है और वे बार-बार एक ही बात पूछते हैं। समय और स्थान को लेकर भ्रम की स्थिति भी पैदा हो सकती है। उदाहरण के लिए, उन्हें यह याद नहीं रहता कि वे कहां हैं या साल का कौन सा महीना चल रहा है। इसके साथ ही उनकी निर्णय लेने की क्षमता भी कमजोर होने लगती है।

ये भी पढ़ें- Zoonotic Diseases: इंसानी सेहत पर मंडरा रहा जूनोटिक बीमारियों का गंभीर खतरा, भारत बनाता जा रहा है 'हॉटस्पॉट'
 
विज्ञापन

3 of 5
डिमेंशिया के शुरुआती संकेत - फोटो : Freepik.com
डिमेंशिया के शुरुआती संकेत
डिमेंशिया के शुरुआती संकेत अक्सर धीरे-धीरे शुरू होते हैं और कई बार उन्हें बढ़ती उम्र का हिस्सा मान लिया जाता है। सबसे आम संकेत भूलने की समस्या है, खासकर हाल की घटनाओं को भूलना। इसके अलावा, व्यक्ति को बातचीत में सही शब्द खोजने में परेशानी हो सकती है।

उन्हें रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत आ सकती है, जैसे कि बिलों का भुगतान करना या खाना बनाना। कई बार वे परिचित रास्तों में भी खो सकते हैं और चीजों को गलत जगह पर रख सकते हैं। स्वभाव में बदलाव और मूड स्विंग्स भी आम हैं।

ये भी पढ़ें- Oropouche Virus: कई देशों में नए वायरस का अलर्ट, इससे इंसेफेलाइटिस-गर्भपात का खतरा; जानें सबकुछ विस्तार से

4 of 5
डिमेंशिया - फोटो : Freepik.com
दोनों के बीच मुख्य अंतर
डिमेंशिया एक सिंड्रोम है जिसमें कई लक्षण शामिल होते हैं, जबकि अल्जाइमर एक विशिष्ट बीमारी है। अल्जाइमर रोग मस्तिष्क में प्रोटीन के असामान्य जमाव (प्लेक्स और टंगल्स) के कारण होता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।

इसके अलावा अलग प्रकार के डिमेंशिया के कारण अलग हो सकते हैं, जैसे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में कमी (वैस्कुलर डिमेंशिया)। इसलिए सही निदान के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
उपचार
यदि आपको या आपके किसी प्रियजन में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर लक्षणों की जांच और कुछ परीक्षणों के आधार पर सही निदान कर सकते हैं। दवाएं और थेरेपी लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद कर सकती हैं और रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकती हैं। समय पर पहचान और उचित देखभाल से इस बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें