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Refined oil: रिफाइंड ऑयल सेहत के लिए फायदेमंद हैं या हानिकारक? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

Sun, 20 Aug 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ऱिफाइंड ऑयल के फायदे और नुकसान - फोटो : pixabay
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब बात आहार के पौष्टिकता की आती है तो इसमें खाने के स्वस्थ तेल को भी शामिल किया जाना चाहिए। हम किस तरह के तेल का सेवन करते हैं, इसका सेहत पर सीधा असर होता है। अध्ययनों में ऑलिव ऑयल को कई प्रकार की बीमारियों के जोखिमों कम करने वाला पाया गया है, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं रिफाइंड तेल उतना ही हमारे लिए नुकसानदायक हो सकता है।

रिफाइंड तेल, प्राकृतिक तेलों का प्रोसेस्ड रूप होता है, जो तेलों को कई प्रकार के रसायनों और गंध के साथ फिल्टर करने से प्राप्त होता है। इस तरह के तेल हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि रिफाइंड ऑयल किस प्रकार से हमारी सेहत के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाला हो सकती है?
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रिफाइंड ऑयल से होने वाले नुकसान - फोटो : pixabay
रिफाइंड ऑयल से कई बीमारियों का खतरा

रिफाइंड ऑयल किस प्रकार से हमारी सेहत के लिए दुष्प्रभावों वाले हो सकते हैं, इसको समझने के लिए किए गए अध्ययनों में कई बातें सामने आईं। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर आप रोजाना रिफाइंड ऑयल का सेवन करते हैं तो यह कई क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोग, एथेरोस्क्लेरोसिस, मोटापा, प्रजनन संबंधी समस्याएं और प्रतिरक्षा संबंधी दिक्कतों को बढ़ाने वाली हो सकती है। इस तरह के जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस तरह के तेलों का सेवन कम या बिल्कुल न करने की सलाह देते हैं।
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रिफाइंड ऑयल के दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay
रिफाइंड ऑयल से बढ़ती है इंफ्लामेशन

रिफाइंड ऑयल को शरीर में इंफ्लामेटरी समस्याओं को बढ़ाने वाला पाया गया है और इंफ्लामेशन की स्थिति कई क्रोनिक बीमारियों के जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जाती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि  रिफाइंड ऑयल में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। इस प्रकार के फैट्स को हृदय रोगों और कैंसर को बढ़ावा देने वाला पाया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ट्रांस फैट महिलाओं में सूजन और वजन को बढ़ाने वाली हो सकती है जिसके कारण डायबिटीज और हृदय की बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहता है।

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रिफाइंड ऑयल के दुष्प्रभाव - फोटो : PTI
हो सकते हैं कैंसरकारक दुष्प्रभाव

प्राकृतिक तेलों के प्रोसेसिंग की प्रक्रिया के दौरान निकेल रिलीज होता है, इस रसायन की मात्रा शरीर के लिए हानिकारक प्रभावों वाली हो सकती है। यह धातु स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकती है भोजन में इसकी उपस्थिति कैंसरकारी प्रभाव पैदा कर सकती है। इसका लिवर, त्वचा और श्वसन प्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कई अध्ययनों में रिफाइंड तेलों के सेवन को मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग से संबंधित पाया है।
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खाने के लिए स्वस्थ तेलों का करें सेवन - फोटो : Pixabay
स्वस्थ तेलों का ही करें सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए खाने में स्वस्थ और पौष्टिक तेलों का सेवन किया जाना चाहिए। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऑलिव ऑयल और सरसों के तेल हमारी सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं, खाने में हमेशा उसी तेल को शामिल किया जाना चाहिए जो कोलेस्ट्रॉल और हानिकारक वसा फ्री हों। कुछ अध्ययनों में सूरजमुखी के तेल को भी सेहत के लिए हानिकारक पाया गया है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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