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कोरोना का कहर: लोगों ने 6 महीने में गंवाई इम्यूनिटी, दोबारा हो सकते हैं संक्रमित, अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा

Sun, 11 Apr 2021 03:20 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इन दिनों एक बार फिर से कोरोना वायरस ने रफ्तार पकड़ ली है, और अब वो लगातार काफी संख्या में लोगों को संक्रमित कर रहा है। कई शहर तो ऐसे हैं, जहां हालात बेकाबू हैं, जिसके चलते वहां लॉकडाउन तक लगा दिया गया है। हालांकि, देश में तेजी से लोगों को वैक्सीन भी लगाई जा रही है। लेकिन इन सबके बीच प्राकृतिक इमयूनिटी को लेकर एक शोध हुआ है, जिसमें कुछ अहम बातें बताई गई हैं। तो चलिए जानते हैं इस शोध के बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी की तरफ से एक अध्ययन किया गया, जिसमें दावा किया गया कि कोरोना वायरस के खिलाफ प्राकृतिक इम्यूनिटी बनी रहती है। लेकिन कोरोना वायरस की चपेट में आए 20-30 फीसदी लोगों ने छह महीने के बाद इस प्राकृतिक इम्यूनिटी को गंवा दिया है। ऐसे में लोगों के दोबारा संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है।
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कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई
इसको लेकर आईडीआईबी के डायरेक्टर डॉक्टर अनुराग अग्रवाल ने ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने कहा कि, 'इस अध्ययन में पाया गया कि 20-30 फीसदी लोगों के शरीर में कोरोना वायरस को बेअसर करने की प्रक्रिया खत्म होने लगी और ऐसा तब हुआ जब वो सीरोपॉजिटिव थे।'

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कोरोना की टेस्टिंग - फोटो : PTI
वहीं, शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन से ये जानने में मदद मिलेगी कि आखिर मुंबई जैसे शहरों में अधिक सीरोपॉजिटिविटी होने के कारण भी संक्रमण से राहत क्यों नहीं मिल रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
गौरतलब, है कि मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में लगातार कोरोना से संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। महाराष्ट्र में तो हालात बेकाबू हैं और हर दिन वहां कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं, दिल्ली में भी बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से 10732 लोग संक्रमित हुए हैं।

स्रोत और संदर्भ:

https://www.thelancet.com/journals/lancet/article/PIIS0140-6736(21)00675-9/fulltext

अस्वीकरण नोट: ये लेख 'इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी' की तरफ से किए गए एक अध्ययन आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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