हम जैसे-जैसे शिकारी से किसान में तब्दील हुए और फसल उगा कर रोटी खाने लगे वैसे-वैसे हमारा चेहरा सिकुड़ता गया। प्रोफेसर पॉल के अनुसार हम जानते हैं कि डाइट, सांस लेने की प्रक्रिया और क्लाइमेट में बदलाव के चलते इंसानों का चेहरा ऐसा हुआ है। लेकिन इन्हीं के आदार पर विकास की व्याख्या कर देना ज्यादा हो जाएगा।