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हेल्थ टिप्स: हाई बीपी के मरीज भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, दिल और किडनी पर पड़ सकता है असर

Wed, 21 Oct 2026 09:33 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

High Blood Pressure Mistakes: छोटी-छोटी लापरवाहियों से बचकर आप दिल, दिमाग और किडनी को होने वाले गंभीर नुकसान का जोखिम कम करने में मदद पा सकते हैं।
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हाई बीपी में इन गलतियों से बचें - फोटो : Ai
हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लक्षण कई बार स्पष्ट रूप से नजर नहीं आते। यही वजह है कि बहुत से लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते और रोजमर्रा की कुछ ऐसी गलतियां करते रहते हैं, जो समय के साथ दिल, दिमाग और किडनी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। नमक का ज्यादा सेवन, दवाएं समय पर न लेना, शारीरिक गतिविधि की कमी और नियमित जांच से दूरी बनाना ऐसी ही आम गलतियां हैं।
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salt - फोटो : Freepik
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज इन 6 गलतियों से बचें
 
खाने में ज्यादा नमक लेना
 
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए ज्यादा नमक खाना नुकसानदायक हो सकता है। चिप्स, नमकीन, अचार, पापड़, इंस्टेंट नूडल्स और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों को प्रतिदिन 2,000 मिलीग्राम से कम सोडियम लेने की सलाह देता है, जो लगभग 5 ग्राम नमक के बराबर है। इसलिए खाने में ऊपर से नमक डालने के साथ पैकेट वाले खाद्य पदार्थों पर भी ध्यान दें।
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दवाएं - फोटो : Freepik.com
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा छोड़ देना
 
कुछ लोग ब्लड प्रेशर सामान्य होने पर दवाएं लेना बंद कर देते हैं। यह एक बड़ी गलती है। दवाओं के कारण ही ब्लड प्रेशर नियंत्रित हो सकता है। अपनी मर्जी से दवा बंद करने, खुराक कम करने या बदलने से रक्तचाप दोबारा बढ़ सकता है। दवा से परेशानी हो रही हो तो डॉक्टर से बात करें, खुद से इलाज में बदलाव न करें।

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ब्लड प्रेशर - फोटो : Adobe Stock
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक न करना 
 
हाई ब्लड प्रेशर में हमेशा लक्षण नजर नहीं आते। इसलिए केवल सिरदर्द, चक्कर या बेचैनी होने पर ही जांच करना पर्याप्त नहीं है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार घर पर भी ब्लड प्रेशर मापें और रीडिंग लिखकर रखें। जांच के समय पांच मिनट आराम से बैठें, पीठ को सहारा दें और हाथ को हृदय के स्तर पर रखें।
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Sleep - फोटो : istock
शारीरिक गतिविधि से दूरी बनाना
 
लंबे समय तक बैठे रहना और बिल्कुल व्यायाम न करना ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना मुश्किल बना सकता है। अपनी क्षमता के अनुसार तेज चाल से टहलना, साइकिल चलाना या अन्य मध्यम स्तर की गतिविधियां अपनाएं। सामान्य वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि एक अच्छा लक्ष्य है। यदि आपको हृदय संबंधी समस्या है या व्यायाम करते समय परेशानी होती है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें। 
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थकान - फोटो : Freepik.com
तनाव और नींद को नजरअंदाज करना
 
लगातार तनाव, खराब नींद और अनियमित दिनचर्या ब्लड प्रेशर नियंत्रण को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सोने-जागने का समय नियमित रखें और पर्याप्त नींद लें। ध्यान, धीमी सांसों का अभ्यास और टहलना तनाव प्रबंधन में मदद कर सकते हैं। यदि लंबे समय से नींद नहीं आ रही या बहुत तनाव महसूस हो रहा है, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
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एफडीसी दवाओं पर रोक - फोटो : ANI
बिना सलाह के दर्द की दवाएं या सप्लीमेंट लेना 
 
कुछ दर्द निवारक दवाएं, सर्दी-जुकाम की कुछ दवाएं और कुछ हर्बल सप्लीमेंट ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं या उसकी दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इसलिए कोई भी नई दवा, आयुर्वेदिक उत्पाद या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें। प्राकृतिक होने का मतलब हमेशा सुरक्षित होना नहीं है।

ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ जाए तो क्या करें?
 
यदि ब्लड प्रेशर 180/120 mmHg से अधिक आए, तो कम से कम एक मिनट रुककर दोबारा मापें। रीडिंग इतनी ही अधिक बनी रहे तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। अगर इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी, नजर में बदलाव या बोलने में कठिनाई हो, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। तुरंत आपातकालीन सहायता लें और खुद से ब्लड प्रेशर कम करने के लिए अतिरिक्त दवा न लें। 

नोट:  यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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