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खर्राटों से हैंं परेशान तो ये 5 तरीके अपनाकर पा सकते हैं छुटकारा, जानें क्या?

Fri, 20 Apr 2018 11:42 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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बात चाहे थकान की हो या बंद नाक की, दोनों ही बातें खर्राटों की वजह बनती है।ऐसे में खर्राटे लेने वाले व्यक्ति के पास जो भी व्यक्ति सोता है उसकी नींद भी खराब हो जाती है। जिसके कारण दोनों को ही बहुत गुस्सा आता है। अगर आपके साथ ये समस्या रहती है तो ये टिप्स कारगर हो सकते हैं।
 
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सोने की पोजीशन बदलें
यूं तो पीठ के बल सोने को सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस पोजीशन में सोने से खर्राटों की आशंका बढ़ जाती है। जब आप पीठ के बल सोते हैं तो आपका तालु व जीभ गले के ऊपरी भाग पर होते हैं। इससे ऊंची आवाज में ध्वनि उत्पन्न होती है। और यही आवाज खर्राटों में बदल जाती है। इससे बचने के लिए जरूरी है किे आप सीधे सोने के बजाय करवट लेकर सोयें। करवट लेकर सोने से खर्राटों की आशंका कम हो जाती है। 
 
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वजन कम करें
खर्राटों से परेशान अधिकतर लोग मोटापे के शिकार होते हैं। मोटापे के कारण गले के आसपास बहुत अधिक वसा युक्त कोशिकाएं जमा हो जाती हैं। इन कोशिकाओं के कारण गले में सिकुड़न होने लगती है। और यह खर्राटे की बड़ी वजह होती है। इससे बचने के लिए व्यायाम, संतुलित आहार लें। 

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पुदीने का तेल
सोने से पहले पानी में पुदीने के तेल की कुछ बूंदें डालकर गरारे करें। ऐसा करने से नाक के छिद्रों की सूजन कम होती है और सांस लेने में आसानी होगी। आप चाहें तो नाक के पास पुदीने का तेल  लगाकर सो भी सकते हैं।

 
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जैतून का तेल
जैतून के तेल में मौजूद तत्व सांस लेने में आने वाली परेशानी को दूर करते हैं। रात को सोने से पहले शहद के साथ इसका सेवन फायदेमंद साबित होता है।
 
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तकिये का रखें खयाल
तकिया भी आपके खर्राटे की वजह हो सकता है। हो सकता है आपने इस बात पर कभी गौर न किया हो, लेकिन यह भी आपके खर्राटों की वजह बन सकता है। अगर आप नियमित समय पर अपने तकिये का गिलाफ बदलते नहीं या उसे साफ नहीं करते, तो यह भी खर्राटों के उत्तेजक के रूप में काम कर सकता है। कई बार सिर से रूसी या बाल तकिया पर गिर जाते हैं। इनसे तकियों पर सूक्ष्मजीवी पनपने लगते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो ये एलर्जी शरीर की श्वास संबंधी क्षमता को नुकसान पहुंचाती है। इससे निद्रा अश्वसन या स्लीप ऐपनीआ की समस्या होती है और खर्राटे आने लगते हैं। 

 
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