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Women Health Tips: पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन

Wed, 17 Jun 2026 02:56 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Women Health Tips: पीरियड्स के दौरान महिलाओं के मन में कई सवाल उठते हैं। इनमें सबसे कॉमन सवाल है कि इन दिनों में क्या न खाएं। यहां हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे। 
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पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन - फोटो : AI
Women Health Tips: पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं, जिसका सीधा असर मूड, एनर्जी और पाचन तंत्र पर पड़ता है। इस दौरान कई महिलाओं को पेट दर्द, ऐंठन, थकान और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सही खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। 

अक्सर महिलाएं यह नहीं समझ पातीं कि इन दिनों में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए। गलत खानपान न केवल दर्द और असहजता को बढ़ा सकता है, बल्कि शरीर में सूजन और कमजोरी भी पैदा कर सकता है। 
डॉक्टरों के अनुसार, इस समय हल्का, पौष्टिक और संतुलित आहार लेना सबसे बेहतर होता है। वहीं कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन्हें पीरियड्स के दौरान सीमित या पूरी तरह से टालना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस समय किन चीजों से दूरी बनाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है और क्यों।
 
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पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन - फोटो : Adobestock
  1. ज्यादा नमक वाला भोजन
 
  • पीरियड्स के दौरान अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में पानी जमा होने लगता है। 
  • इसके कारण ब्लोटिंग यानी पेट फूलने, शरीर में भारीपन और सूजन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। 
  • चिप्स, नमकीन, पैकेज्ड फूड और प्रोसेस्ड स्नैक्स में नमक की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
  •  यदि आप पीरियड्स के दौरान खुद को हल्का और आरामदायक महसूस करना चाहती हैं, तो कम नमक वाला संतुलित आहार बेहतर विकल्प हो सकता है।

 
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पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन - फोटो : Adobe Stock
  2. कैफीन युक्त पेय पदार्थ
 
  • चाय, कॉफी, कोल्ड कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन मौजूद होता है, जो पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं में असहजता बढ़ा सकता है। 
  • कैफीन के अधिक सेवन से शरीर में बेचैनी, चिड़चिड़ापन और नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • ये कुछ महिलाओं में पेट की ऐंठन और सिरदर्द को भी बढ़ा सकता है। 
  • पीरियड्स के दौरान कैफीन का सेवन कम करने और इसकी जगह पानी, नारियल पानी या हर्बल ड्रिंक लेने की सलाह दी जाती है।

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पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन - फोटो : Adobestock

  3. तला-भुना और जंक फूड
 
  • फास्ट फूड, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और अन्य तले-भुने खाद्य पदार्थों में अनहेल्दी फैट की मात्रा अधिक होती है। 
  • ये पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं और गैस, अपच या पेट में भारीपन की समस्या पैदा कर सकते हैं। 
  • पीरियड्स के दौरान पहले से ही शरीर कई हार्मोनल बदलावों से गुजर रहा होता है, ऐसे में जंक फूड का अधिक सेवन पेट दर्द और असहजता को बढ़ा सकता है।

 
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पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन - फोटो : Adobe stock
 4. ज्यादा मीठा खाना
 
  • पीरियड्स के दौरान मीठा खाने की इच्छा बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन अत्यधिक चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता और घटता है, जिससे मूड स्विंग, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। 
  • अधिक चीनी शरीर में सूजन को भी बढ़ा सकती है।
  •  यदि मीठा खाने का मन हो तो ताजे फल, खजूर या सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं।



 
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पीरियड्स में महिलाओं को नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन - फोटो : Adobe stock
 5. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
 
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स और अन्य कार्बोनेटेड पेय पदार्थों में गैस और अतिरिक्त चीनी की मात्रा अधिक होती है। 
  • पीरियड्स के दौरान इनका सेवन करने से पेट फूलना, गैस बनना और असहजता बढ़ सकती है। 
  • कई बार ये ड्रिंक्स शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन भी नहीं दे पाते। 
  • इस दौरान कोल्ड ड्रिंक्स की जगह सादा पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या ताजे फलों का जूस पीना अधिक फायदेमंद माना जाता है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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