गर्मियां अपने साथ मौसमी फलों के सौगात लेकर आती है। इस मौसम में बाजार में आम, लीची जैसे फल बहुतायत में मिलते हैं। गर्मियों में जामुन भी खूब खाया जाता है। गांवों में पेड़ के नीचे की जगह जामुन गिरने से बैंगनी रंग से रंग जाती है। ये फल हमारे लिए प्रकृति का उपहार है। जामनु में कई ऐसे पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं।
पर क्या ये फल असल में हमारे लिए उपहार है या फिर अभिशाप? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है जिसमें कहा जा रहा है कि जिस साल जामुन की पैदावार ज्यादा होती है, पेड़ से ज्यादा जामुन गिर रहे होते हैं उस साल सूखा पड़ने का खतरा ज्यादा होता है।
दावा किया जा रहा है कि कई इलाकों में ये चर्चा भी रहती है कि “इस बार जामुन बहुत गिर रहे हैं, लगता है सूखा पड़ेगा!”। क्या वास्तव में इस दावे में कोई सच्चाई है?