दिवाली की पूजा में प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कहते हैं कि पूजा के दौरान मां लक्ष्मी घर आती हैं इसलिये द्वार पर भी रंग से देवी के पैरों की छाप एवं शुभ चिन्ह बनाये जाते हैं। मंदिर में भोग के लिये भी उस प्रसाद को प्राथमिकता दी जाती है, जो मां विष्णुप्रिया को अतिप्रिय हो। वैसे तो ईश्वर भाव का भूखा होता है, भक्त उन्हें सच्चे मन से जो भोग लगा दे, वही पर्याप्त होता है। लेकिन भक्त तो अपनी तरफ से मां को प्रसन्न करने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं। अगली स्लाड्स में प्रस्तुत हैं वे 5 भोग, जिनसे माता लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न।