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Dhanteras 2022: सेहत के धन को सहेजिए इन सालाना जांचों के साथ

Sun, 23 Oct 2022 09:48 AM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेहत से भी जुड़ा है धनतेरस का पर्व - फोटो : डेमो
धनतेरस को सम्पदा और समृद्धि के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। लोग इस दिन महंगे उपहारों से लेकर आभूषण और बर्तन, नया वाहन या मशीन आदि तक खरीदते हैं। बाजार भीड़ से पट जाते हैं और अपनी सामर्थ्य के हिसाब से हर व्यक्ति कुछ न कुछ नया खरीदकर घर लाता है। लेकिन इस त्यौहार के दूसरे पहलू को अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं। यह पहलू है अच्छे स्वास्थ्य की संपदा से जुड़ा। 

धनतेरस का त्यौहार भगवान धन्वंतरि की पूजा का भी दिन होता है। इस बारे में कई लोगों को मालूम भी होता है लेकिन वे इसकी पूर्ति धन्वंतरि जी का पूजन और दर्शन करके कर लेते हैं। जबकि असल में इस दिन की सार्थकता अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने में है। हमारे बड़े-बुजुर्ग यह कहा करते रहे हैं कि ईश्वर या प्रकृति ने जो शरीर हमें दिया है, उसकी देखभाल करना और सेहत के लिए जरूरी कदम उठाना भी एक प्रकार की पूजा ही है, लेकिन इस बात को आमतौर पर भुला दिया जाता है। तो इस धनतरेस से ही अपनी सेहत के अनमोल खजाने को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध हो जाइए और जानिए उन सालाना जांचों के बारे में जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखने में कर सकती हैं मदद। 
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नियमित होने वाली जांचें हैं जरूरी - फोटो : pixa
निरोगी जीवन सबसे बड़ी पूँजी 

यह बात कोरोना महामारी के बाद और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। जो लोग अब तक अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं थे, उन्होंने भी अब इस ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है। यह एक अच्छा परिवर्तन है। मुश्किल यह है कि अब भी लोगों ने जिम जाना, योग करना आदि तो शुरू किया है। डाइट को लेकर भी लोग सतर्क हुए हैं लेकिन अब भी वार्षिक जांचों को लेकर उतनी सजगता लोगों में नहीं आई है। वार्षिक जांचें एक तरह से आपके स्वास्थ्य की ऑडिट रिपोर्ट की तरह होती हैं। ये आपकी सेहत को लेकर पूरी स्थिति को स्पष्ट कर देती हैं। इससे आपको यह भी पता चल जाता है कि किस चीज पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। और हां, इसमें हर तीन महीने या हर महीने की जाने वाली बीपी, शुगर जैसी चीजों की जांच शामिल नहीं है क्योंकि वह आपको नियमित करवाते रहनी है। 
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कम उम्र में नियमित जीवनशैली से मिलता है फायदा
उम्र के हिसाब से जांचें करवाएं 

हालांकि सालाना जांचों की आवश्यकता 25 वर्ष की उम्र के पहले भी हो सकती है लेकिन अमूमन इससे पहले शरीर विकास की अवस्था में होता है और ज्यादातर स्वास्थ्य नियमित रूटीन और सही खान पान से ही दुरुस्त रहता है। मेटाबॉलिज्म की दर भी अच्छी रहती है। वहीं बच्चों के लिए तो सालाना चैकअप और वैक्सीन होते ही हैं जो 18 साल की उम्र तक भी चल सकते हैं।  इसलिए 25-35 तक की उम्र में सलाना जांचों की जरूरत अधिकांशतः उन्ही लोगों को होती है जिनके परिवार में कोई वंशानुगत समस्या हो या जिनके साथ कोई विशेष शारीरिक स्थिति हो।  

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महिलाओं के लिए जरूरी जांचें - फोटो : iStock
35-45 वर्ष तक की उम्र के लिए 

महिलाएं- 


थाइरॉइड संबंधी जांचें 
पेल्विक जांच और पेप स्मीयर टेस्ट 
स्तनों की सम्पूर्ण जांच व मेमोग्राम 
लिपिड प्रोफ़ाइल 
बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट 
विटामिन डी संबंधी जांच 
डायबिटीज व हाई बीपी की जांच (यदि अब तक डायग्नोज न हुई हो तो)
कम्प्लीट ब्लड काउंट
आँखों की जांच 
दांतों की जांच 
मेंटल हेल्थ स्क्रीनिंग 
यौन रोग व इससे संबंधी जांचें 
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पुरुषों की भिन्न समस्याएं - फोटो : istock
पुरुष:

ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थाइरॉइड, लिपिड प्रोफ़ाइल व कोलेस्ट्रॉल, कम्प्लीट ब्लड काउंट, यौन रोग व इससे संबंधी जांचें, आँखों व दांतों के लिए यहाँ भी जांचें महिलाओं की तरह ही रहेंगी। इसके अलावा अन्य जांचों में शामिल हैं-
ह्रदय रोगों के लिए स्क्रीनिंग 
टेस्टिक्युलर एक्जाम 
विटामिन डी व बी 12 संबंधी जांच 
प्रोस्टेट संबंधी जांच 
कोलोरेक्टल कैंसर संबंधी जांच 
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हर जांच का है महत्व - फोटो : getty images
45 से आगे-

महिलाएं व पुरुष:


45 की उम्र तक आते आते महिलाओं में मेनोपॉज संबंधी प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती है। इस स्थिति में शरीर में कई तरह के असंतुलन पैदा हो सकते हैं। यही वह उम्र है जब महिला-पुरुष दोनों में शरीर की क्षमता उतार पर हो सकती है, खासकर यदि रूटीन और खान-पान असंतुलित है तो। अमूमन इस समय तक कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, थाइरॉइड, हाई बीपी आदि जैसी समस्याओं का पता भी चल चुका होता है। इसलिए इस दौरान ज्यादातर जांचें दोहराई ही जाती हैं। जो जांचें जरूरी होती, हैं उनमें शामिल हैं-

दांतों व आँखों की जांच (खासकर मोतियाबिंद को ध्यान में रखते हुए)
ब्रेस्ट कैंसर के लिए जांचें (महिलाओं में)
प्रोस्टेट कैंसर के लिए जांचें (पुरुषों में)
ह्रदय रोगों के लिए जांचें और लिपिड प्रोफ़ाइल 
सरवाइकल व कोलोरेक्टल कैंसर हेतु जांचें 
हड्डियों की सम्पूर्ण जांच 
विटामिन डी व सीरम कैल्शियम 
हार्मोन्स संबंधी जांचें (महिलाओं के लिए)
मेंटल स्क्रीनिंग 
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मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी है जरूरी - फोटो : पिक्साबे
अन्य जांचें 

इन जांचों के अलावा कुछ अन्य जांचें जो महिला-पुरुष दोनों करवा सकते हैं, उनमें शामिल हैं-
हेपेटाइटिस सी 
स्किन संबंधी जांचें 
बॉडी मास इंडेक्स 
ग्लूकोमा (सामान्य आई चैकअप के अलावा)
ऑस्टियोपोरोसिस जांच (यदि हड्डियों की जांच नहीं करवा रहे हैं तो)
लंग्स की जांच (खासकर यदि आप सिगरेट या अन्य व्यसन की चपेट में हैं या प्रदूषण युक्त जगह पर रहते हैं तो)
किडनी प्रोफ़ाइल 
सामान्य फिजिकल एक्जामिनेशन 
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विशेषज्ञ की सलाह पर करें अमल - फोटो : istock
इन बातों का भी रखें ख्याल 

* जब बात वार्षिक जांचों की आती है तो कई लोग बिना सोचे किसी हॉस्पिटल या लैब के पैकेज ले लेते हैं। ये पैकेज बजट में जांचें तो करते हैं लेकिन कई जांचें छोड़ भी देते हैं या फिर उन्हें छूट में शामिल नहीं करते। इसलिए यदि आप इन जांचों के लिए कोई मेंबरशिप ले रहे हैं या पैकेज लेने जा रहे हैं तो सबसे पहले यह स्पष्ट कर लें कि उसमें कौन कौन सी जांचें आएँगी। 

* इसी तरह जांचों के शुल्क के लिए मेडिक्लेम या इंश्योरेंस पॉलिसी लेते हुए भी ध्यान रखें कि वह किस तरह से, किन जांचों को, किस उम्र के लिए कवरेज प्रदान करेगी। आप चाहें तो पति-पत्नी या परिवार के हिसाब से भी कोई प्लान ले सकते हैं। ये जांचों के अलावा इलाज के समय भी आपके आर्थिक भार को कम कर सकते हैं। 

* हो सके तो किसी फिजिशियन या फैमिली डॉक्टर से सलाह लेकर जांचें तय करें। यदि आप नियमित डॉक्टर के सम्पर्क में रहते हैं तो वे आपको आपके शरीर की स्थिति के हिसाब से जांचें करवाने की सलाह देंगे। 

* जांचें हमेशा किसी स्थापित लैब या हॉस्पिटल में, प्रशिक्षित लोगों से ही करवाएं। 
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