प्रतीकात्मक तस्वीर
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बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर
स्क्रीन टाइम बढ़ने के मानसिक प्रभाव पर सफदरजंग अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर पंकज कुमार कहते हैं, “कुछ स्टडीज के मुताबिक अगर बच्चे या किशोर छह या सात घंटे से ज्यादा स्क्रीन पर रहते हैं तो उन पर मनोवैज्ञानिक असर हो सकता। इससे उनमें आत्मसंयम की कमी, जिज्ञासा में कमी, भावनात्मक स्थिरता ना होना, ध्यान केंद्रित ना कर पाना, आसानी से दोस्त नहीं बना पाना, जैसी समस्याएं हो सकती हैं।”
“हालांकि, ये इस पर भी निर्भर करता है कि वो स्क्रीन पर क्या देख रहे हैं, फिल्म, वीडियो, गेम, सोशल मीडिया देख रहे हैं या कुछ पढ़ रहे हैं। इनका असर बच्चे के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।”