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सेहत की बात: कॉपर बॉटल का पानी कई प्रकार से लाभकारी, पर गर्मियों में इसके सेवन को लेकर बरतें सावधानी

Mon, 27 Mar 2023 04:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कॉपर के बर्तन में पानी पीने के लाभ - फोटो : Pixabay
कॉपर हमारे शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स में से एक है। कॉपर, आयरन के साथ मिलकर शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। यह रक्त वाहिकाओं, नसों, प्रतिरक्षा प्रणाली और हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक तत्व है। वयस्कों को दैनिक रूप से 900 माइक्रोग्राम की मात्रा में कॉपर की आवश्यकता होती है, इसकी पूर्ति के लिए अधिकतर लोग कॉपर के बोतल-जग में रखकर पानी पीते हैं।

कम से कम आठ घंटे तक कॉपर के बर्तन में पानी रखने से न सिर्फ पानी की शुद्धता बढ़ती है साथ ही पानी में कॉपर भी मिल जाता है, जिससे शरीर को इसकी प्राप्ति हो सकती है।

कॉपर प्राप्त करने के लिए आहार के साथ यह तरीका सबसे ज्यादा प्रचलित है। पर क्या आप जानते हैं कि कॉपर बॉटल के पानी का सीमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए। इसकी अधिकता कई प्रकार के रोगों का कारण बन सकती है। इसके अलावा विशेषज्ञ कहते हैं, विशेषतौर पर गर्मियों के मौसम में ज्यादा मात्रा में इसका पानी नहीं पीना चाहिए। क्यों? आइए जानते हैं।
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कॉपर से बढ़ती है लाल रक्त कोशिकाएं - फोटो : Pixabay
कॉपर शरीर के  लिए आवश्यक

आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह खाली पेट सबसे पहले तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से तीनों दोषों - कफ, वात और पित्त को दूर करने और शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा को संतुलित करने में मदद मिलती है। यह धातु विभिन्न अंगों और मेटाबॉलिज्म की प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने में भी मदद करता है।

थायरॉयड ग्रंथि के कामकाज में सुधार करने, एनीमिया से बचाने, हड्डियों को मजबूत करने, वजन घटाने और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए यह काफी जरूरी है। पर इसका अधिक मात्रा में या गर्मियों में अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
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तांबे के बरतन में रखा पानी पीने के लाभ - फोटो : Pixabay
कम मात्रा में ही करें सेवन

आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं हमारा शरीर अन्य पोषक तत्वों की तरह कॉपर को सेंथेसाइज नहीं कर पाता है, इसे आहार स्रोतों से प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। ऐसे में तांबे के बर्तन का पानी एक बढ़िया विकल्प है। पर एक दिन में 3 गिलास तक ही इसके सेवन को सीमित करें। अधिक मात्रा में इसका पानी पीने से कॉपर पॉइजनिंग हो सकती है। इसके कारण मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्या और पाचन विकारों की दिक्कत बढ़ने का खतरा रहता है, ऐसे में इसका कम मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए।
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तांबे के बर्तन में पानी पीने का सही तरीका - फोटो : iStock
गर्मियों में ज्यादा न पिएं यह पानी

आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं कि तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना बेहद सेहतमंद होता है लेकिन गर्मियों के दौरान इसका कम मात्रा में ही सेवन करें क्योंकि तांबे की प्रकृति गर्म होती है। अधिक मात्रा के कारण एसिडिटी, सूजन, माइग्रेन की दिक्कत हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पाचन स्वास्थ्य पर होता है इसलिए शरीर के लिए आवश्यक मात्रा में ही कॉपर का सेवन किया जाना चाहिए। सुबह 1-2 गिलास तांबे के बर्तन में रखा पानी पानी पीना पर्याप्त है।



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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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