छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती 19 फरवरी 2026 को मनाई जा रही है। उनकी जयंती साहस, स्वाभिमान और सुशासन की प्रेरणा का पर्व है। 19 फरवरी को जन्मे इस महान वीर ने विपरीत परिस्थितियों में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना कर यह सिद्ध किया कि दृढ़ संकल्प और न्यायपूर्ण नेतृत्व से असंभव भी संभव हो सकता है। उनका जीवन हमें राष्ट्रप्रेम, धर्मनिरपेक्षता, स्त्री-सम्मान और प्रजा-हितैषी शासन की शिक्षा देता है।
आज के समय में, जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, शिवाजी महाराज के तेजस्वी विचारों को प्रेषित करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उनके आदर्श युवाओं में आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा का संचार करते हैं। वे केवल युद्धकौशल के प्रतीक नहीं थे, बल्कि संगठन, रणनीति और नैतिक मूल्यों के अद्वितीय उदाहरण भी थे।
उनकी जयंती पर उनके विचारों का स्मरण और प्रसार हमें अपने इतिहास से जोड़ता है तथा राष्ट्रनिर्माण की भावना को सुदृढ़ करता है। यहां शिवाजी महाराज के ओजस्वी विचार बताए जा रहे हैं, जिन्हें पढ़ें, आत्मसात करें और दूसरों तक फैलाकर साहस और स्वाभिमान बढ़ाएं।