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Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं? गर्भवती महिलाओं को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

Thu, 26 Feb 2026 01:53 PM IST
शिखर बरनवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dos and Dont Dos in Chandra Grahan: 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है, ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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चंद्र ग्रहण - फोटो : Freepik
Chandra Grahan 2026 Date And Time India: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है, जो फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है। खास बात यह है कि इसी दिन देश भर में होलिका दहन का पर्व भी मनाया जाएगा, जिससे इस खगोलीय घटना का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे 'ब्लड मून' भी कहा जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये हमारे देश में भी दिखेगा, जिसके कारण यहां सूतक काल के नियम पूरी तरह प्रभावी रहेंगे।

यह ग्रहण भारतीय समयानुसार, ग्रहण दोपहर 03:20 बजे से शुरू होकर शाम 06:47 बजे तक रहेगा, जबकि इसका सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले यानी सुबह 06:20 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान निकलने वाली नकारात्मक किरणें पर्यावरण और विशेषकर संवेदनशील लोगों जैसे गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : Adobe Stock
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
ग्रहण काल और सूतक के दौरान निरंतर मंत्र जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है; आप 'ॐ नमः शिवाय' या 'महामृत्युंजय मंत्र' का जाप कर सकते हैं।
  • सूतक काल शुरू होने से पहले ही खाने-पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते डाल दें, ताकि वे दूषित न हों।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर की सफाई करें और स्वयं भी स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • ग्रहण के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है, सामर्थ्य अनुसार अनाज, सफेद वस्त्र या तिल का दान जरूरतमंदों को करें।
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Chandra Grahan 2026 - फोटो : adobe
ग्रहण के दौरान क्या न करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रभावी होने के बाद भोजन पकाना और खाना वर्जित माना जाता है, लेकिन कोई बीमार है या बच्चे और बुजुर्ग हैं तो वो अपनी सुविधा के अनुसार खा सकते हैं।
  • ग्रहण की अवधि में भगवान की मूर्तियों का स्पर्श न करें और न ही कोई नई पूजा शुरू करें, मंदिरों के कपाट बंद रखें।
  • इस दौरान सोने से बचें और नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें, मन को शांत और आध्यात्मिक रखें।
  • ग्रहण काल में किसी भी प्रकार का शुभ या मांगलिक कार्य जैसे सगाई, गृह प्रवेश या नया निवेश करने से बचना चाहिए।
 
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चंद्र ग्रहण 2026 - फोटो : adobe stock
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां
गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान भूलकर भी नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची, सुई या ब्लेड का उपयोग न करें, माना जाता है कि इसका असर शिशु के अंगों पर पड़ सकता है।
  • ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने और सीधे ग्रहण देखने से बचना चाहिए, ताकि हानिकारक किरणों का प्रभाव गर्भ पर न पड़े। 
  • ग्रहण के समय शांत मन से 'संतान गोपाल मंत्र' का पाठ करें और अपने पास तुलसी के पत्ते या नारियल रखना शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें, जिससे ग्रहण के दोषों का नकारात्मक प्रभाव दूर हो सके।
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चंद्र ग्रहण - फोटो : Freepik
ये भी न करें-
चंद्र ग्रहण की अवधि में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इस दौरान सोना, बाल या नाखून काटना और तेल लगाना वर्जित माना जाता है। ग्रहण काल में रसोई का कोई भी काम, भोजन पकाना या खाना अशुभ होता है। इस समय पूजा-पाठ और मूर्तियों का स्पर्श वर्जित है, हालांकि मन ही मन भगवान का नाम जप करना श्रेष्ठ है।
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