फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri 2025: यहां देखें माता दुर्गा के नौ रूपों की तस्वीरें, मंत्रों के जाप के साथ करें नवरात्रि की शुरुआत

Sun, 30 Mar 2025 06:00 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

यहां प्रथम नवरात्रि से नवमी तिथि तक सभी देवी स्वरूपों के नाम, तस्वीर और उनके बीज मंत्र दिए जा रहे हैं, जिनके दर्शन और जाप के साथ नवरात्रि के दिवस की शुरुआत करें। 
विज्ञापन
1 of 10
नवरात्रि के नौ स्वरूप - फोटो : adobe
Nine forms of Maa Durga Images with name:  आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। 30 मार्च यानी आज नवरात्रि का पहला दिन है। नवरात्रि नौ दिन का पर्व है, जिसके हर दिन नवदुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। घटस्थापना के मां दुर्गा अपने वाहन और सभी स्वरूपों के साथ आगमन करती हैं। ऐसे में हर दिन मां के हर स्वरूप की अलग और खास तरह से पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही नवरात्रि के हर दिन की शुरुआत देवी के स्वरूप के मुताबिक उनके बीज मंत्र के जाप से करें। 

यहां प्रथम नवरात्रि से नवमी तिथि तक सभी देवी स्वरूपों के नाम, तस्वीर और उनके बीज मंत्र दिए जा रहे हैं, जिनके दर्शन और जाप के साथ नवरात्रि के दिवस की शुरुआत करें। साथ ही हर दिन अपने प्रियजनों को मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की फोटो भेज कर नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

विज्ञापन

2 of 10
शारदीय नवरात्रि प्रतिपदा तिथि- मां शैलपुत्री - फोटो : amar ujala
प्रथम नवरात्रि

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं। मां शैलपुत्री की पूजा करनी है तो बीज मंत्र का जाप जरूर करें।

ह्रीं शिवायै नम:।
विज्ञापन

3 of 10
देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा - फोटो : अमर उजाला
द्वितीय नवरात्रि

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। मां ब्रह्मचारिणी का यह स्वरूप तपश्वनी का है। मान्यता है कि नारदजी के उपदेश से मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करके के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण उन्हें तपश्चारिणी या ब्रह्मचारिणी नाम मिला। ये रहा बीज मंत्र

ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।

4 of 10
Shardiya Navratri Day 3 - फोटो : amar ujala
तृतीय नवरात्रि

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता चंद्रघंटा का स्वरूप शांतिदायक और कल्याणकारी है। माता चंद्रघंटा की सवारी बाह है। उनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है। इस कारण ही इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र-

ऐं श्रीं शक्तयै नम:
विज्ञापन

5 of 10
Shardiya Navratri Day 4 - फोटो : amar ujala
चतुर्थ नवरात्रि

नौ दिवसीय नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। माता कूष्मांडा अष्टभुजाधारी और सिंह पर सवार रहती हैं। मां कूष्मांडा के पूजन में इस मंत्र का जाप करें।

ऐं ह्री देव्यै नम:
विज्ञापन

6 of 10
Maa Skandmata - फोटो : अमर उजाला
पंचम नवरात्रि

नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। माता स्कंदमाता के पूजन के लिए ह्रीं क्लीं स्वामिन्यैं नम: बीज मंत्र का जाप करें।
विज्ञापन

7 of 10
Shardiya Navratri Day 6 - फोटो : amar ujala
नवरात्रि का छठा दिन

ऋषि कात्यायन की पुत्री मां कात्यायनी देवी दुर्गा का एक अन्य स्वरूप हैं जिनकी नवरात्रि के षष्ठी तिथि को पूजा की जाती है। माता कात्यायनी सुखमय गृहस्थ जीवन प्रदान करने वाली हैं। मां कात्यायनी के बीज मंत्र का जाप करें।

क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।

8 of 10
Navratri Day 7 - फोटो : amar ujala
सप्तमी नवरात्रि

अकाल मृत्यु से बचाने वाली मां कालरात्रि की पूजा नवरात्रि में सप्तमी तिथि पर की जाती है। पूजन के दौरान मां कालरात्रि के बीज मंत्र का जाप जरूर करें। यह है मां कालरात्रि का बीज मंत्र -

क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।

9 of 10
Shardiya Navratri Day 8 - फोटो : अमर उजाला
अष्टमी नवरात्रि

नवरात्रि का आठवां दिन यानी अष्टमी तिथि माता महागौरी को समर्पित है। इस दिन मां पार्वती यानी महागौरी माता की पूजा की जाती है। उनकी उपासना के लिए देवी महागौरी स्तुति मंत्र के जाप के साथ दिन की शुरुआत करें।

श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः:।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
विज्ञापन

10 of 10
नवरात्रि नवमी की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
नवमी नवरात्रि

नौ दिन की नवरात्रि पर्व का समापन नवमी तिथि को होता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री का बीज मंत्र है-

ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें