फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chaitra Navratri: 30 मार्च से हो रहा है चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ, जानिए 9 दिन होती है किन देवियों की पूजा

Fri, 28 Mar 2025 04:00 PM IST
शिखर बरनवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो इस साल 30 मार्च से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में, मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है, प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व होता है। आइए मां दूर्गा के नौ रूपों के बारे में यहां विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 10
Chaitra Navratri 2025 - फोटो : Adobe Stock
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो मां दुर्गा की नौ शक्तियों की आराधना के लिए जाना जाता है। इस साल 2025 में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 30 मार्च से हो रहा है और ये 6 अप्रैल तक चलेगा। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं। उनका हर स्वरूप नारी शक्ति के हर पहलू को दर्शाता है और महिला सशक्तिकरण की एक अद्भुत मिसाल भी पेश करता है। देवी के नौ स्वरूपों का व्यक्तित्व अलग-अलग है। हर दिन एक खास देवी को समर्पित होता है, जिनकी पूजा से जीवन में शक्ति, शांति और समृद्धि आती है। इतना ही नहीं मान्यताओं के अनुसार विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति, धन लाभ व करियर में मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती हैं। आइए इस लेख में जानते हैं चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों में किन-किन देवियों की पूजा होती है।
विज्ञापन

2 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां शैलपुत्री - फोटो : adobe stock
पहला दिन: मां शैलपुत्री

मां दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री है। हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें ये नाम मिला। मां शैलपुत्री शक्ति और स्थिरता का प्रतीक हैं। इनकी पूजा से जीवन में मजबूती आती है।
विज्ञापन

3 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां ब्रह्मचारिणी - फोटो : Amar Ujala
दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी

मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और ज्ञान की देवी हैं। इनका स्वरूप सादगी भरा है। इनकी आराधना से इंसान की बुद्धि और संयम बढ़ोतरी होती है।

4 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां चंद्रघंटा - फोटो : Amar Ujala
तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा

मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा है। ये देवी शांति और कल्याण की प्रतीक हैं। इनकी पूजा से भय दूर होता है।
विज्ञापन

5 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां कुष्मांडा   - फोटो : Amar Ujala
चौथा दिन: मां कुष्मांडा

मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा ने अपनी हंसी से ब्रह्मांड की रचना की है। मां कुष्मांडा ब्रह्मांडीय ऊर्जा की देवी हैं। इनकी पूजा से स्वास्थ्य और शक्ति मिलती है।

ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2025: मां दुर्गा के इस मंदिर की है खास महिमा, जानें यहां पहुंचने का आसान रास्ता
विज्ञापन

6 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां स्कंदमाता - फोटो : adobe stock
पांचवां दिन: मां स्कंदमाता

मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की मां हैं। ये देवी मातृत्व और साहस का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से संतान सुख और सुरक्षा मिलती है।
विज्ञापन

7 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां कात्यायनी - फोटो : Amar UjalA
छठा दिन: मां कात्यायनी

मां कात्यायनी योद्धा रूप में हैं। ये देवी शक्ति और वीरता की देवी हैं। इनकी पूजा से दुश्मनों पर विजय मिलती है।

ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि की तैयारी के लिए नहीं बचा ज्यादा वक्त, बना लें पूजा सामग्री की लिस्ट

8 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां कालरात्रि - फोटो : Amar ujala
सातवां दिन: मां कालरात्रि

मां कालरात्रि का रूप भयंकर है। ये बुराई और विनाशकारी शक्तियों का नाश करती हैं। इनकी पूजा से नकारात्मकता दूर होती है।

9 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां महागौरी - फोटो : adobe stock
आठवां दिन: मां महागौरी

मां महागौरी शांति और समृद्धि की प्रतीक हैं। इनका रंग गोरा और स्वरूप शांत है। इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है।
विज्ञापन

10 of 10
चैत्र नवरात्रि: मां सिद्धिदात्री - फोटो : अमर उजाला
नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री

मां सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों को देने वाली हैं। इस दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, जो भगवान राम के जन्म का उत्सव है। इनकी पूजा से हर काम में सफलता मिलती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें